फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: आयुष विश्वविद्यालय के आईपीडी में भी चिकित्सा सुविधा जल्द

विज्ञापन
विज्ञापन
ओपीडी में अब तक करीब एक लाख मरीजों की हो चुकी है जांच
विज्ञापन

गोरखपुर। प्रदेश के पहले आयुष विश्वविद्यालय की ओपीडी में अब तक करीब एक लाख लोग अपना इलाज करा चुके हैं। विश्वविद्यालय का निर्माण पूरा होते ही यहां आईपीडी (आंतरिक रोगी विभाग) में भी चिकित्सा सुविधा मिलने लगेगी। इस विश्वविद्यालय के पूर्ण रूप से सक्रिय होने पर आयुष हेल्थ टूरिज्म में रोजगार की संभावनाएं भी सृजित होंगी।

भटहट के पिपरी में 52 एकड़ क्षेत्रफल में निर्माणाधीन महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का शिलान्यास 28 अगस्त 2021 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया था। यहां ओपीडी का शुभारंभ 15 फरवरी 2023 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। तब से प्रतिदिन यहां आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी की ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीज परामर्श लेते हैं।
विज्ञापन

काय चिकित्सा, शल्य चिकित्सा के विशेषज्ञों के परामर्श के साथ ही मरीजों को पंचकर्म चिकित्सा की भी महत्वपूर्ण सुविधा प्राप्त हो रही है। ओपीडी शुभारंभ के बाद अब तक करीब एक लाख आयुष चिकित्सकों से परामर्श लाभ ले चुके हैं।

कुलपति प्रो. एके सिंह ने बताया कि आयुष विश्वविद्यालय में आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी विधाओं की पर्याप्त गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध हैं, जिनका भंडारण व्यवस्थित तरीके से किया जाता है। सभी रोगियों को चिकित्सकों के परामर्श के अनुरूप ये दवाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं। यह ध्यान दिया जाता है कि एक भी रोगी मुफ्त दवा पाने से वंचित न रहे। कुलपति के अनुसार आयुष विश्वविद्यालय में अंतरंग रोगियों की सेवा के लिए भी प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही अंतरंग रोगियों को भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिलने लगेगी।
विज्ञापन


आयुष कॉलेजों का नियमन भी करता है आयुष विश्वविद्यालय
प्रदेश के पहले आयुष विश्वविद्यालय के अस्तित्व में आने से पहले आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी, प्राकृतिक चिकित्सा, योग, सिद्धा की चिकित्सा पद्धति, जिन्हें समन्वित रूप में आयुष कहा जाता है, के लिए अलग-अलग संस्थाएं रही हैं। अब सत्र 2021-22 से प्रदेश के सभी राजकीय और निजी आयुष कॉलेजों का नियमन आयुष विश्वविद्यालय से ही होता है। वर्तमान सत्र 2024-25 में प्रदेश के 97 आयुष शिक्षण (आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी) के कॉलेज/संस्थान इस विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें