प्रयागराज महाकुंभ में माघ पूर्णिमा पर स्नान करने के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ रेलवे स्टेशनों पर सोमवार को बढ़ गई। भीड़ को देखते ही पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने अलग-अलग स्टेशनों से महज चार घंटे में ही 22 कुंभ स्पेशल ट्रेनें चला दीं।
गोरखपुर जंक्शन से चार ट्रेनें चलाई गईं, वहीं पर्याप्त ट्रेनों को यार्ड में रखा गया है जिसे भीड़ को देखते हुए चलाया जाएगा। वहीं, प्रयागराज संगम स्टेशन को बंद करने पर रेल प्रशासन का कहना है कि किसी भी अमृत स्नान से दो दिन पूर्व और दो दिन बाद केवल एक स्टेशन प्रयागराज संगम को बंद करना एक नियमित प्रक्रिया है। अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।
सोमवार को पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने महाप्रबंधक सम्मेलन कक्षा में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि 9 फरवरी को पूर्वोत्तर रेलवे से होकर 33 मेला विशेष ट्रेनें चलाई गई थीं। और 10 फरवरी को शाम चार बजे तक 22 मेला विशेष ट्रेनें चलाई गईं।
प्रयागराज रामबाग एवं झूसी स्टेशनों पर एक हजार से अधिक रेलवे सुरक्षा विशेष बल (आरपीएसएफ) एवं रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों एवं अधिकारियों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। साथ की इन स्टेशनों पर सुरक्षा के दृष्टिगत ड्रोन एवं 240 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सर्विलांस किया जा रहा है।
दोनों स्टेशनों की निगरानी मुख्यालय गोरखपुर में वॉर रूम से की जा रही है। उन्होंने कहा कि मेला विशेष गाड़ियों के संचलन के लिए पर्याप्त संख्या में रेक व कोचों की व्यवस्था की गई है, जिससे नियमित अंतराल पर विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मेला विशेष ट्रेनों के दोनों तरफ इंजन लगाए गए हैं, जिससे इंजन रिवर्सल में लगने वाले समय को बचाया जा सका है।
वहीं, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने क्षेत्रीय एवं मंडलीय रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रयागराज जं. के साथ 07 अन्य स्टेशन प्रयागराज छिवकी, नैनी, सूबेदारगंज, प्रयाग, फाफामऊ, प्रयागराज रामबाग एवं झूसी पूरी तरह कार्यारत हैं।
भीड़ के बावजूद, प्रयागराज क्षेत्र के इन 08 स्टेशनों से विशेष तथा नियमित ट्रेनें पूरी क्षमता से चल रही हैं। बताया कि सोमवार को अपराह्न तीन बजे तक, प्रयागराज जं. सहित 08 स्टेशनों से 09 लाख से अधिक तीर्थ यात्रियों को लेकर 201 से अधिक विशेष और नियमित ट्रेनें पहले ही रवाना हो चुकी थीं।