फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: लिंक एक्सप्रेस-वे की रफ्तार...गोरक्षनगरी में आएगा कारोबार-रोजगार

विज्ञापन
विज्ञापन
बेहतर कनेक्टिविटी से गीडा में बड़ी कंपनियों के निवेश की खुलेगी राह
विज्ञापन

गोरखपुर में 350 एकड़, आंबेडकरनगर में एक हजार एकड़ जमीन उद्योगों के लिए आरक्षित होगी
माल ढुलाई का साधन मिलने से फैक्टरियों में कच्चा माल लाने और तैयार माल भेजने में होगी सुविधा
गोरखपुर। लिंक एक्सप्रेस-वे की बेहतर कनेक्टिविटी ने गोरखपुर के लिए रोजगार और पर्यटन का नया अवसर दिया है। लखनऊ और वाराणसी की राह आसान होने से अब उद्यमियों के लिए निवेश की और ज्यादा राह खुलेगी। गीडा के दो सेक्टर इसी एक्सप्रेस-वे के किनारे विकसित किए जा रहे हैं। इसके बाद आंबेडकरनगर जिले में भी करीब एक हजार एकड़ जमीन फैक्टरियों के लिए आरक्षित होगी।
इस इलाके में पर्यावरण संबंधी चुनौतियां कम होने की वजह से बड़ी फैक्टरियों की स्थापना भी सुगमता से होगी। इसके अलावा एक्सप्रेस-वे के किनारे लॉजिस्टिक पार्क के लिए जमीन आरक्षित होने से कृषि समेत अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार के विकल्प खुलेंगे। वहीं धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी वाराणसी-गोरखपुर-अयोध्या आना-जाना आसान हो जाएगा।
विज्ञापन

टूर एंड ट्रेवेल्स ऑपरेटर का काम करने वाले मोहद्दीपुर के राजेंद्र सिंह ने बताया कि गोरखपुर से लखनऊ जाने में अभी करीब छह घंटे का समय लगता है। फोरलेन पर ट्रैफिक लोड अधिक होने की वजह से अन्य दिक्कतें भी आती हैं। इससे गाड़ी का खर्च भी बढ़ता है। लिंक एक्सप्रेस-वे शुरू होने पर यह यात्रा तीन घंटे में ही पूरी हो जाएगी। इससे समय बचेगा और यात्री की शिकायतें कम होंगी। इससे हम दिन में दो चक्कर लखनऊ का लगा सकते हैं।
इसी तरह गोरखपुर से वाराणसी की दूरी लगभग 200 किमी है, लेकिन नेशनल हाईवे से यात्रा पूरी करने में करीब पांच घंटे लग जाते हैं। अब एक्सप्रेस-वे के जरिये यह यात्रा भी तीन घंटे में ही पूरी हो जाएगी। पर्यटक स्थल घूमने के शौकीन विवेक सिंह बंटी कहते हैं कि गोरखपुर से आजमगढ़ की दूरी लगभग 100 किलोमीटर है, लेकिन अच्छी सड़क के अभाव में यह दूरी पांच घंटे में पूरी होती थी। अब दो घंटे में गोरखपुर से आजमगढ़ पहुंच जाएंगे। इसका फायदा यह होगा कि अगर कोई व्यक्ति एक ही दिन वाराणसी-गोरखपुर-अयोध्या में दर्शन पूजन करना चाहता है तो वह आसानी से पहुंच सकेगा।
-
यूपीडा भी बनाएगा औद्योगिक क्षेत्र, बड़ी कंपनियां आएंगी

यूपीडा के परियोजना प्रबंधक पीपी वर्मा ने बताया कि 172 गांवों से होकर गुजर रहे इस एक्सप्रेस-वे के किनारे गोरखपुर जिले में बहाहदुरपुर खुर्द व बहादुरपुर बुजुर्ग में 154 एकड़ जमीन आरक्षित की गई है। इसके अलावा आंबेडकरनगर जिले में नुरपुरकला, अजमलपुर, गौरीबड़ा गांव में 362 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई है, जिस पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इन औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरियों के अलावा इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान, मेडिकल संस्थान आदि की स्थापना के लिए जमीन का आवंटन होगा। एक्सप्रेस-वे के पास बनने वाले औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी फैक्टरियां खुलेंगी तो इसका लाभ आसपास के लोगों को ही होगा। नए विकसित हो रहे धुरियापार औद्योगिक क्षेत्र को भी इस एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाना है। इसके लिए पिछले महीने ही औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल नंदी आदेश भी दे चुके हैं। धुरियापार में अदाणी की सीमेंट फैक्टरी समेत कई बड़े उद्योगों की स्थापना होनी है।
-
माल ढुलाई का सुगम मार्ग बनेगा यह एक्सप्रेस-वे
गीडा की फैक्टरियों को कच्चा माल लखनऊ और वाराणसी के रास्ते मिलता है तो तैयार माल को बाजार के लिए भी लखनऊ, कानपुर, वाराणसी जैसे शहरों पर निर्भरता अधिक है। इसके अलावा आजमगढ़ और गाजीपुर से दूध, पनीर व हरी सब्जियों की खेप हर दिन गोरखपुर आती है। गीडा के उद्यमी राजेंद्र जायसवाल बताते हैं कि अभी नेशनल हाईवे से काफी दिक्कत होती थी। लिंक एक्सप्रेस-वे के जरिये सामान सीधे गीडा पहुंच जाएगा। इससे गाड़ियां शहर के जाम में नहीं फंसेंगी। सब्जी के अढ़तिया आलोक शुक्ला कहते हैं कि सब्जी व फल जल्द पहुंचेंगे तो उनके खराब होने का डर उतना ही कम होगा। यह एक्सप्रेस-वे सब्जी मंडी को भी राहत दिलाएगा।
-
रोजगार ही नहीं जान भी बचाएगी ये सड़क
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग के प्रो. अमित मिश्रा कहते हैं कि यह लिंक एक्सप्रेस-वे गोरखपुर के लिए चिकित्सा के मामले में भी लाभप्रद है। अभी अगर कोई मरीज पीजीआई रेफर किया जाता है तो उसे वहां तक पहुंचने में सात घंटे का वक्त लग जाता है। एक्सप्रेस-वे शुरू होने पर मरीज मेडिकल कॉलेज से पीजीआई तक चार घंटे में पहुंच जाएगा। किसी का जीवन बचाने के लिए तीन घंटे का समय बहुत है। एक्सप्रेस-वे होने की वजह से जरूरत पड़ने पर इस एक्सप्रेस-वे को गोरखपुर-अयोध्या-लखनऊ हाईवे के मुकाबले ग्रीन कॉरिडोर बनाना ज्यादा आसान होगा।

अयोध्या में परिक्रमा होने पर मिलेगा वैकल्पिक मार्ग
सावन में हर साल बस्ती व संतकबीरनगर जिले के हजारों श्रद्धालु अयोध्या से सरयू नदी का जल लाकर भदेश्वरनाथ व तामेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक करते हैं। हर सोमवार व शुक्रवार को श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने के साथ ही विशेष मौकों पर खलीलाबाद से अयोध्या के बीच नेशनल हाईवे को बंद करना पड़ता है। अयोध्या में रामनवमी व अन्य अवसरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर भी हाईवे पर आवागमन को डायवर्ट करना पड़ता है। पहले विकल्प नहीं था तो खलीलाबाद से सिद्धार्थनगर के रास्ते ट्रैफिक डायवर्जन किया जाता था, यह सड़क डबल लेन है, जिस पर पहले से ही वाहनों की संख्या अधिक रहती है। जैसे ही बड़ी गाड़ियां गुजरती हैं तो जगह-जगह जाम लगता है। उन दिनों गोरखपुर से लखनऊ की यात्रा बेहद कष्टप्रद हो जाती है। यात्रा पूरी होने में 10 से 12 घंटे तक का वक्त लगता है। अब यह दिक्कत नहीं आएगी।

उद्यमी बोले
एक्सप्रेस-वे शुरू होने से औद्योगिक गलियारे का भी महत्व बढ़ जाएगा। बेहतर कनेक्टिविटी से बाहर से बड़े उद्योग यहां आने को प्रेरित होंगे। अब जिले के दक्षिणांचल का हिस्सा भी औद्योगिक रूप से हरा-भरा हो जाएगा जो गोरखपुर के विकास में महत्वपूर्ण कदम है। बड़े उद्योगों के आने से गीडा में पहले से स्थापित उद्योगों को भी लाभ होगा।
- दीपक कारीवाल, मंडल अध्यक्ष लघु उद्योग भारती
-
वाराणसी और लखनऊ की कनेक्टिविटी गोरखपुर के लिए सबसे जरूरी है। ये दोनों शहर गोरखपुर से सांस्कृतिक और राजनीतिक ही नहीं, आर्थिक रूप से भी जुड़े हैं। फैक्टरियों को कच्चा माल और तैयार माल दोनों के लिए लखनऊ-वाराणसी की जरूरत पड़ती है। एक्सप्रेस-वे से दोनों जुड़ रहे हैं तो हमारे लिए कच्चा माल मंगाना और तैयार माल भेजना दोनाें आसान हो गया। व्यापार बढ़ेगा तो प्रतिस्पर्धा में होने वाला फायदा जैसे मालभाड़ा, रेट में कमी जैसे लाभ होंगे। एक तरह से यह एक्सप्रेस-वे गीडा को राष्ट्रीय पहचान दिलाएगा।
विज्ञापन

- आरएन सिंह, अध्यक्ष चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज, गोरखपुर

गोरखपुर में दाल, तेल, मसाले आदि खाद्य सामग्री अलग-अलग शहरों से मंगाए जाते हैं, वहीं यहां से अब ब्रान, चोकर, मैदा समेत कई खाद्य सामग्री बाहर भी भेजी जाती है। एक्सप्रेस-वे शुरू होने पर गोरखपुर से वाराणसी, लखनऊ, कानपुर और आगरा के अलावा दिल्ली की मंडी भी सीधे कनेक्ट हो रही है। इसका फायदा हम सभी को मिलेगा।
- संजय सिंघानिया, अध्यक्ष चैंबर ऑफ कॉमर्स
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें