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Gorakhpur News: भाई की जमानत के लिए लखनऊ गए कुशल तिवारी, आते-जाते रहे समर्थक

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सोमवार को लखनऊ में पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी की हुई थी गिरफ्तारी
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विरोध में पोस्टर लगाने के मामले में दोनों आरोपियों से भी शुरू हुई पूछताछ

गोरखपुर। पूर्व मंत्री पं. हरिशंकर तिवारी के बेटे और चिल्लूपार के पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी से मिलने और जमानत के लिए उनके बड़े भाई पूर्व सांसद भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी बुधवार को लखनऊ चले गए। उनकी अनुपस्थिति के चलते तिवारी हाता में बुधवार को भीड़ कम नजर आई। हालांकि लोगों का आना-जाना लगा रहा। आने वाले समर्थक एक ही बात पूछ रहा था कि भैया कब आएंगे।
सोमवार सुबह छह बजे ईडी की टीम ने धर्मशाला स्थित पूर्व विधायक सपा नेता विनय शंकर तिवारी के घर पर छापा मारा था। करीब 06.30 घंटे जांच के बाद टीम बाहर निकली। शाम होते ही विभिन्न बैंकों से 700 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े के आरोप में लखनऊ में विनय शंकर तिवारी की गिरफ्तारी हो गई। इसके बाद तिवारी हाता पर सपा नेताओं और समर्थकों की भीड़ उमड़ने लगी। बुधवार को तिवारी हाता में अंदर कुछ लोग बैठकर आपस में बातें कर रहे थे। ये लोग विनय तिवारी की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए पूछ रहे थे कि भैया कब आएंगे। कब उनसे मुलाकात होगी।
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सपा नेताओं ने ईडी की कार्रवाई की निंदा
पूर्व मंत्री पंडित हरिशंकर तिवारी के घर पर ईडी की कार्रवाई की सपा नेताओं ने घोर निंदा की है। सपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम ने कहा कि पूर्व विधायक को साजिश के तहत ईडी ने गिरफ्तार किया है। सरकार के इशारे पर विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सपा के महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी ने कहा कि सरकार के इशारे पर सरकारी तंत्र काम कर रहे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी की गिरफ्तारी को संज्ञान लिया है। वहीं बहुत से समर्थक सोशल मीडिया पर भी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
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खुफिया विभाग ने शुरू की जांच, सोशल मीडिया से हटाए पोस्ट
पूर्व विधायक सपा नेता विनय शंकर तिवारी की गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार देर रात गोरखनाथ क्षेत्र के बरगदवां निवासी वैभव तिवारी और रवि पांडेय ने आंबेडकर चौक पर कलक्ट्रेट चौकी के सामने बैनर लगवाया था। बैनर पर वैभव तिवारी और उनके साथी रवि पांडेय का फोटो भी लगा था। बैनर पर लिखा था कि आईएएस/आईपीएस मुकदमों में भागे फिर एक ही जाति के साथ अत्याचार क्यों। थोड़ी ही देर में कलक्ट्रेट चौकी की पुलिस ने बैनर हटवा दिया था। सूत्रों के मुताबिक, बैनर लगाने के पीछे दोनों युवकों की क्या मंशा थी, यह जानने के लिए खुफिया विभाग (एलआईयू) इस मामले की जांच शुरू कर दी है। दोनों युवकों से बुधवार को पूछताछ भी की गई है। जांच के डर से वैभव तिवारी ने सोशल मीडिया अकाउंट से सभी पोस्ट भी हटा दिए हैं।
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