एमजीयूजी में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास में बोलीं राज्यपाल
गोरखपुर। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि नाथपंथ के प्रवर्तक की तपोभूमि पर यह विश्वविद्यालय शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा का संगम बनकर उभर रहा है। छात्र ज्ञान प्राप्ति की ओर निरंतर अग्रसर रहें, क्योंकि ज्ञान ही वह शक्ति है जो व्यक्ति को केवल रोजगार ही नहीं बल्कि चरित्र, विवेक व नेतृत्व भी प्रदान करता है।
राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रपति की उपस्थिति आज महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के लिए एक विशेष अवसर है। आज यहां एक अकादमिक भवन, ऑडिटोरियम, पंचकर्म केंद्र का लोकार्पण और गर्ल्स हॉस्टल का शिलान्यास किया गया है। यह केवल एक निर्माण कार्य नहीं बल्कि सशक्तीकरण की दिशा में उठाया गया एक दृढ़ कदम है। यह आने वाली पीढ़ियों को सकारात्मक तरीके से प्रभावित करेगा। योग, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के संगम के रूप में यह विश्वविद्यालय एक प्रेरणास्रोत के रूप में उभर रहा है। यह विश्वविद्यालय केवल पारंपरिक चिकित्सा क्षेत्र में ही नहीं बल्कि आधुनिक विधाओं के क्षेत्र में भी कार्य कर रहा है। यह पूरे देश के लिए प्रेरणा की बात है।
राज्यपाल ने कहा कि हमारी सनातन परंपरा में सेवा को धर्म माना गया है। यह विश्वविद्यालय स्वास्थ्य, सेवा एवं शिक्षा की त्रिवेणी है। राज्यपाल ने कहा कि भारत की उच्च शिक्षा की बात करें तो हमारा इतिहास एक गौरवशाली परंपरा की गवाही देता है। प्राचीन भारत में तक्षशिला, नालंदा, विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालयों ने समस्त विश्व को शिक्षा, संस्कृति एवं ज्ञान का मार्ग दिखाया था। पूरी दुनिया के जिज्ञासु विधार्थी यहां अध्ययन के लिए आते थे। हमारे वैज्ञानिकों, शिक्षकों एवं विचाराकों नेे अपनी प्रतिभा एवं समर्पण से यह सिद्ध किया है कि भारत की ज्ञानधारा कभी रुकती नहीं है।