सर्वे कराकर तैयार कराया गया है नया डेटा, भू-लेख की वेबसाइट पर नहीं हुई अपलोड
गोरखपुर। सदर तहसील के 17 गांव ऐसे हैं, जहां जमीन की खतौनी नहीं मिल पा रही है। इन गांवों में सर्वे कराकर नया डेटा तैयार किया गया था। यह डेटा अब तक राजस्व परिषद की वेबसाइट पर अपलोड नहीं हो सकी है। इसके चलते इन गांवों की खतौनी रियल टाइम नहीं हो पाई और मैनुअल खतौनी पहले से ही बंद है। ऐसे में इन गांवों के लोग परेशान हैं।
राजस्व विभाग के जानकारों के मुताबिक, इनमें ज्यादातर गांव नदी के पास वाले हैं और विवाद की स्थिति भी अधिक है। राजस्व विभाग ने इन गांवों का सर्वे कराया और नया डेटा तैयार किया। अब इन गांवों का फसली वर्ष बदलना है। सारा डेटा राजस्व परिषद को भेजा जा चुका है, लेकिन कुछ तकनीकी दिक्कतों के चलते वेबसाइट पर अपलोड नहीं हुआ है। पहले इन गांवों के लोगों को मैनुअल खतौनी दी जाती थी। इससे काम चल जाता था।
जब से रियल टाइम खतौनी की प्रक्रिया चल रही है, मैनुअल खतौनी पर रोक है। ऐसे में यहां के लोग काफी परेशान हैं। डोमनी गांव में राजेश और सुरेश दो भाइयों ने करीब 12 डिसमिल जमीन खरीदी। अब वे परेशान हैं कि उन्हें खतौनी नहीं मिल पा रही है। पूछने पर लेखपाल कहते हैं कि सर्वे के बाद सारा डेटा भेजा जा चुका है, जल्द ऑनलाइन हो जाएगा। उसके बाद खतौनी मिलने लगेगी, लेकिन कब तक होगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
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वर्जन
रियल टाइम खतौनी का काम अंतिम चरण में है। जिन गांवों की खतौनी नहीं मिल पा रही है, जांच कराकर वहां गड़बड़ी को ठीक कराया जाएगा।
-कृष्णा करुणेश, डीएम
इन गांवों की नहीं मिल रही खतौनी
पोतहरा, भौरामल, कुई, जिंदापुर, अहिरौली, सुग्माटारी एहतमाली, डोमनी, पिपरी एहतमाली, मटियारी, आभूराम, चेरिया, चेतउवा उर्फ चनऊ, मीरपुर तप्पा गौरा, लालपुर टीकर एहतमाली, पिपरी मुश्तकिल, जंगल महताब राय, एकमा।