गोरखपुर। बुधवार को खरैया पोखरे पर अवैध निर्माण बुलडोजर से तोड़ दिए गए। लोगों ने जबरदस्त विरोध किया, लेकिन किसी की नहीं चली। जिन लोगों ने चहारदीवारी बनाकर टिनशेड डाले थे, उन्हें भी पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। वहीं, आवासीय मकानों की बाउंड्री तोड़कर उन्हें एक महीने के अंदर जगह खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया। मकान टूटते देख कुछ लोग बुलडोजर के सामने आकर विरोध करने लगे। प्रवर्तन दल और पुलिस ने बड़ी मुश्किल से उन्हें हटाया। कुछ घरों की महिलाएं बाहर आकर रोने लगीं।
खरैया पोखरे के पास प्रवर्तन दल ने लाउडस्पीकर के जरिये घोषणा कर मंगलवार सुबह तक अतिक्रमण हटा लेने का वक्त दिया था। बुधवार दिन में 11 बजे के करीब अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह के नेतृत्व में प्रवर्तन दल और पुलिस बल खरैया पोखरे के पास पहुंचा। चार जेसीबी और दो पोकलेन की मदद से पहले खाली प्लाॅट पर चहारदीवारी चलाकर किए गए कब्जे को तोड़ा गया। इसके बाद एक-एक कर आवासीय मकानों की चहारदीवारी तोड़नी शुरू की। करीब छह मकानों की चहारदीवारी तोड़कर उन्हें एक महीने के अंदर जगह खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया।
बशारतपुर के खरैया पोखरा पर कुछ माह पूर्व नगर निगम और तहसील प्रशासन की संयुक्त पैमाइश में 01.55 एकड़ क्षेत्रफल में 15 लोगों का अवैध कब्जा मिला था। नगर निगम ने सभी को नोटिस भी जारी किया था। छह लोगों ने पक्का निर्माण करा रखा था। कुछ ने खाली प्लॉट पर चहारदीवारी चलाकर कब्जा किया था।
पैमाइश के दौरान स्पष्ट हुआ कि अभिलेखों में तालाब का मूल रकबा 3.41 एकड़ है। जबकि मौके पर करीब डेढ़ एकड़ भूमि पर कब्जा है। पैमाइश के समय ही 8 जनवरी 2021 का हाईकोर्ट का स्थगन आदेश होने का दावा किया था।
जेसीबी के आगे पहुंचा युवक
आवासीय मकान की चहारदीवारी तोड़ने जेसीबी पहुंची तो उसमें रहने वाला विवेक बुलडोजर के आगे पहुंच गया। वह जेसीबी को पकड़कर रोने लगा। प्रवर्तन दल और पुलिस ने वहां से हटाया। घर की महिलाएं भी बाहर आकर चीखने-चिल्लाने लगीं। उन्होंने कार्रवाई का विरोध किया और बिना नोटिस तोड़फोड़ का आरोप लगाया। इसके बाद टीम ने सभी को घर के अंदर किया।
खरैया पोखरे का होना है सुंदरीकरण
नगर निगम खरैया पोखरे का सुंदरीकरण कराएगा। अतिक्रमण की वजह से इसपर काम नहीं हो पा रहा था। पोखरे के ज्यादातर हिस्से में निर्माण या फिर चहारदीवारी बनाकर कब्जा कर लिया गया था। अतिक्रमण हटने के बाद से इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
बोले लोग...
जमीन पर चहारदीवारी बनाकर टिनशेड डाले थे, उनको तोड़ दिया। हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद कार्रवाई हुई है। नगर निगम के अधिकारियों को जमीन से जुड़े कागजात देने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया। एसडीएम को रजिस्ट्री कर कागज भेजे थे।
- जेम्स हेराल्ड
2011 में मकान खरीदा था। 2021 में हाईकोर्ट से स्थगन आदेश हुआ था। अतिक्रमण को लेकर कोई नोटिस नहीं मिला था। अपनी बात रखने के लिए डीएम और नगर आयुक्त को ई-मेल भी किया था।
- कपिल देव पाठक
वर्जन
खरैया पोखरे की जमीन पर अवैध निर्माण कराने वाले लोगों को नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद वहां पर अनाउंसमेंट कराकर जगह खाली करने को कहा गया था। आवासीय मकान में रह रहे लोगों को एक महीने के अंदर जगह खाली करने को कहा गया है।
- निरंकार सिंह, अपर नगर आयुक्त