गोरखपुर। कार्तिक पूर्णिमा शुक्रवार को धूमधाम से मनाई जाएगी। इस दिन श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान दान करेंगे। देव दिवाली भी इसी दिन मनाई जाएगी। इससे घर और घाट दीयों से रोशन होंगे। मान्यता है कि इस दिन स्नान दान और दीपोत्सव करने से अक्षय पुण्य का लाभ मिलता है। सूर्यकुंड धाम में भी धूमधाम से दीपोत्सव किया जाएगा।
गोरखनाथ मंदिर संस्कृत विद्यापीठ के साहित्य विभागाध्यक्ष डॉ. रोहित कुमार मिश्र ने बताया कि पुराणों के अनुसार गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करने से व्यक्ति के मानसिक, वाचिक और कायिक पापों का उन्मूलन हो जाता है। यह वर्ष में एक बार आता है। स्नान दान का इसमें विशेष महत्व बताया गया है।
गोरखनाथ मंदिर संस्कृत विद्यापीठ के सहायक आचार्य डॉ. प्रांगेश कुमार मिश्र के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्वपूर्ण स्थान है। देवताओं ने इसी दिन कार्तिक पूर्णिमा को दिवाली मनाई थी। इसके बाद से ही लोग इस दिन को देव दिवाली के नाम से जानते हैं। श्रद्धालुओं को इसमें स्नान के बाद दान अपनी श्रद्धा के अनुसार अवश्य करना चाहिए। इससे जीवन के पापों का नाश होता है तथा जीवन में सुख समृद्धि आती है।