जंगल कौड़िया। ब्लॉक मुख्यालय स्थित एसबीआई शाखा में 80 लाख रुपये की जालसाजी सामने आने के बाद सोमवार को खाताधारकों की भीड़ जुट गई। सभी पासबुक की एंट्री कराते रहे। वहीं कई ने एफडी की भी जांच कराई। यही नहीं लोगों ने अपने हस्ताक्षर बदलवाने की भी गुहार लगाई। दिनभर शाखा पर भीड़ उमड़ी रही। इसके चलते अफरा-तफरी का भी माहौल रहा। इधर, मामले की जांच के लिए मंडल स्तर के अधिकारियों की आंतरिक टीम जांच करने पहुंची। दिनभर अफसरों ने गोपनीय तरीके से जांच की। ब्रांच मैनेजर दीपक कुमार ने बताया कि आंतरिक जांच लगभग 4 दिन चल सकती है।
मृतक के खाते पर दिया था लोन
फरार तत्कालीन शाखा प्रबंधक के कई कारनामे की चर्चा अब शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि जून 2022 में मृतक के खाते पर तीन लाख का लोन एसबीआई से दे दिया गया था। इसमें शाखा प्रबंधक भास्कर भूषण पर आरोप लगा था। जांच के बाद उन्हें रीजनल ऑफिस से अटैच कर दिया गया था। जालसाजी में रसूलपुर चकिया के राजू सिंह, भीटी के जयराम, मेहदरिया के अवेद्यनाथ, पलिया के रघुवंश, नरही के गुलाब, जरहद के सुरेश, रायपुर के रामसूरत समेत करीब 20 से 25 लोग शिकार हुए हैं।
जालसाजी से पंकज मणि ने अकूत संपत्ति कमाई
भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में तैनात कैंटीन बॉय पंकज मणि त्रिपाठी बैंकिंग व्यवस्था का अच्छा जानकार है। इसके चलते क्षेत्र के लोग उससे जुड़ते गए। लोन पास कराने के लिए लोग उससे ही संपर्क करते थे। धीरे-धीरे ग्राहकों का विश्वास प्राप्त कर लिया। क्षेत्र के लोगों की माने तो उसने जालसाजी के जरिए उसने अकूत कमाई की। शाखा प्रबंधक भास्कर भूषण को प्रतिदिन पंकज उनके गोरखपुर के आवास से ले आता था और शाम को पहुंचाने जाता था। आरोप है कि शाखा प्रबधंक, कैशियर और पंकज ने मिलकर मृतकों के नाम पर लोन पास कर धन का बंदरबांट किया। बैंक के लेख में दर्ज ग्राहक के मोबाइल नंबर को बदलकर एफडी, पशुपाल लोन आदि के पैसे तक को एक खाते से दूसरे खाते में बिना ग्राहक के अनुमति के भेज दिया। इससे कैंटीन बॉय की आमदनी भी बढ़ती चली गई। वह चार पहिया गाड़ी से चलता था। जंगल कौड़िया क्षेत्र में उसके दो ऑलीशान रेस्टोरेंट संचालित हैं। एक फास्ट फूड वैन और लाइब्रेरी का भी मालिक है। साथ ही कई लोगों के साथ मिलकर प्रॉपर्टी डीलिंग भी शुरू कर दिया था। रसूलपुर चकिया में बॉबीज रेस्टोरेंट एग्रीमेंट पर है। एग्रीमेंट की अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी रेस्टोरेंट को खाली नहीं कर रहा है। इसके चलते इसके भू स्वामी और मूल मालिक मोलई ने मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई है।