गोरखपुर। एम्स ने जवाहर लाल स्नाकोत्तर आयुर्विज्ञान चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (जिपमेर) पुडुचेरी के सहयोग से शुक्रवार को एक दिवसीय योग्यता आधारित चिकित्सा शिक्षा (सीबीएमई) और एकीकृत शिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यकारी निदेशक प्रो. गोपाल कृष्ण पाल की अध्यक्षता में संकाय सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों और तकनीशियनों ने प्रशिक्षण में भाग लिया। कार्यकारी निदेशक ने कहा कि एक समान विषयों की एक साथ पढ़ाई होने से विषय को समझने में मदद मिलती है।
अकादमिक डीन प्रो. महिमा मित्तल ने योग्यता-आधारित चिकित्सा शिक्षा (सीबीएमई) एवं एकीकृत शिक्षण के सकारात्मक प्रभाव के बारे में जानकारी दी। डीन ने इस बात पर जोर दिया कि प्रशिक्षण विश्वस्तरीय चिकित्सा शिक्षण के लिए अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देगी।
शिक्षण कार्यशाला में जिपमेर पुडुचेरी से प्रो. प्रभति पाल, प्रो. शर्बरी बासु एवं प्रो. सुमा एच व्हाई ने प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण सत्र का संचालन डॉ. आकाश बंसल की अगुवाई में मेडिकल एजुकेशन समिति ने किया। इस दौरान डीन रिसर्च प्रो. हरिशंकर जोशी, डीन परीक्षा प्रो. मनोज सौरभ, डॉ. संगीता गुप्ता एवं डॉ. सतीश रवि उपस्थित रहे।