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Gorakhpur News: इंद्रकुमार हत्याकांडः कुनराघाट में किराए के कमरे में लिखी गई स्क्रिप्ट

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जबलपुर से शादी के लिए आया किसान भी रहा था उनके कमरे में, किराए पर कुछ दिनों ही रुके थे आरोपी कौशल और साहिबा बानो उर्फ खुशी
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पर्दाफाश के बाद अब मोहल्ले के लोग किराए पर कमरा देने से कतरा रहे
गोरखपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर के इंद्र कुमार तिवारी (45) के मर्डर की स्क्रिप्ट कुनराघाट इलाके के दिव्यनगर में एक किराए के कमरे में लिखी गई थी। साहिबा बानो को खुशी तिवारी बनाकर जबलपुर के किसान इंद्रकुमार से इसी कमरे पर मिलवाया गया था। बाद में कुशीनगर के एक होटल में शादी कराने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। मार्च से जून तक आरोपी कौशल गौड़ और खुशी इसी कमरे में किराए पर रहे। पर्दाफाश होने के बाद से डरे मोहल्ले के लोग अब किराए पर कमरा देने से कतराने लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक, देवरिया के गौरीबाजार स्थित सांडा के मूल निवासी कौशल कुमार और झंगहा के मीठाबेल की साहिबा बानो उर्फ खुशी तिवारी 24 मार्च से रानीडीहा इलाके के दिव्यनगर में किराए का कमरा लेकर रहते थे। साहिबा के पिता डिफेंस में काम करते थे। उसे कौशल से प्यार हो गया था लेकिन परिवार के लोग राजी नहीं थे। इसके बाद दोनों ने भागकर शादी की और किराये का कमरा लेकर रहने लगे।
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मकान मालिक ने बताया कि कमरा देखने के लिए कौशल ही आया था। उसने बताया था कि वह सिलाई का काम करता है और उसकी पत्नी यूपीएससी की तैयारी करती है। वह कमरे पर रहकर ही सिलाई का काम करेगा। पांच हजार रुपये में उन्होंने दो कमरे का फ्लैट लिया था। मार्च में आने के साथ ही एडवांस दे दिया लेकिन दो-तीन दिन बाद ही वह कहीं चले गए। अक्सर दोनों कहीं चले जाते थे। पूछने पर बताते थे कि पत्नी के पैर में दिक्कत है। लखनऊ में इलाज चलता है। मई में वह कुछ दिनों के लिए गायब हुए थे तब पूछने पर बताया था कि वे वृंदावन गए थे।
बार-बार कहने के बाद भी नहीं दिया आधार कार्ड
मकान मालिक ने बताया कि कमरा देने के समय ही कौशल गौड़ से आधार कार्ड मांगा था लेकिन उसने बाद में देने की बात कहते हुए टाल दिया। इसके बाद अगली बार मिलने पर बोला कि थोड़ी देर में फोन पर व्हाट्सएप कर देगा लेकिन नहीं भेजा। वह भी दुकान चले जाते थे। पति-पत्नी किसी से बात नहीं करते थे। आसपास के लोगों ने भी उन्हें बहुत कम देखा। मई में कौशल ने किराए में एक हजार रुपये कम दिए थे। कहा कि जहां काम करता है वहां से अभी हिसाब नहीं हुआ है। हिसाब हो जाने पर वह रुपये दे देगा।
किराए पर नहीं दे रहे कमरा
कौशल और साहिबा बानो उर्फ खुशी तिवारी ने जिस घटना को अंजाम दिया उसके बाद कई बार पुलिस दिव्यनगर में पहुंची। मकान मालिक को भी थाने पर बुलाकर पूछताछ की गई। इससे वहां के लोग डरे हुए हैं। कोई भी अब किराये पर कमरा देने से कतरा रहा है। पड़ोसियों का कहना है कि कमरा खाली रहे वह ठीक है। कम से कम बवाल से तो दूर रहेंगे।
वीडियो देखकर रची साजिश
सूत्रों ने बताया कि कौशल और साहिबा ने भागकर शादी तो कर ली लेकिन उनके पास आय का स्रोत नहीं था। इसी बीच उन्होंने सोशल मीडिया पर कथा का एक वीडियो देखा। वीडियो में इंद्र कुमार तिवारी ने कथावाचक को बताया कि 18 एकड़ जमीन होने के बाद भी उसकी शादी नहीं हो पा रही है। यह सुनकर साहिबा बानो और कौशल कुमार ने मिलकर साजिश रची कि इंद्र कुमार से फर्जी शादी कर उसकी संपत्ति हड़प ली जाए। कौशल ने वीडियो को कई बार देखा। इसके बाद उसके बताए पते पर जबलपुर पहुंचा। वीडियो में बताए गांव में पहुंचा तो वहां हैंडपंप के पास एक व्यक्ति पानी पीते मिला। उससे पूछने पर कौशल को इंद्र कुमार के घर का पता बताया। वह जाकर उससे मिला और उसे बताया कि उसकी एक बहन है खुशी तिवारी। वे दोनों अनाथ हैं। वह उसकी शादी करने में असमर्थ है। अगर इंद्र कुमार उसकी बहन से शादी कर ले तो दोनों का भला हो जाएगा। कौशल ने इंद्र कुमार को साहिबा उर्फ खुशी तिवारी का मोबाइल नंबर दिया। वह उस दिन वहीं रुका था। इंद्र कुमार ने साहिबा उर्फ खुशी तिवारी से बात की तो उसे सब ठीक लगा। इसके बाद साहिबा बानो उर्फ खुशी तिवारी ने इंद्र कुमार तिवारी से कुछ दिनों तक फोन पर बातचीत की। फिर शादी करने करने के लिए उसको गोरखपुर बुलाया।
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इंद्र कुमार को रिश्तेदार बताकर साथ में भी रखा
तीन जून को इंद्र कुमार तिवारी गोरखपुर पहुंचा था। योजना के तहत साहिबा बानो और कौशल कुमार ने इंद्र कुमार से उसकी संपत्ति को लेकर एक हलफनामा बनवाया। मकान मालिक ने बताया कि कौशल ने इंद्र कुमार को अपना रिश्तेदार बताकर कमरे पर रखा था। पांच जून को साहिबा बानो, कौशल और शमसुद्दीन अपने साथ इंद्र कुमार को कुशीनगर स्थित एक होटल लेकर गए। वहां होटल के कमरे में मांग में सिंदूर लगवाकर झूठी शादी कराई गई। इसके बाद आरोपियों ने साजिश के मुताबिक, इंद्र कुमार तिवारी को पनीर राइस में नींद की गोलियां मिलाकर खिला दीं जिससे वह कुछ देर बाद अचेत हो गया। इसके बाद तीनों उसे गाड़ी में बैठाकर घटनास्थल सुकरौली ले गए। वहां तीनों आरोपियों ने अचेत अवस्था में ही इंद्र कुमार तिवारी की चाकू से हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में फेंक कर उसके पास मौजूद जेवर व रुपये लेकर भाग गए। पुलिस ने घटना का पर्दाफाश करते हुए गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को जेल भिजवा दिया था।
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