अमर उजला ब्यूरो
गोरखपुर। शाहपुर क्षेत्र में देह व्यापार के धंधे के लिए बदनाम होटल फ्लाई इन और हुक्काबार जीनस बॉटल वाली पूरी बिल्डिंग को जीडीए टीम ने शनिवार को सील कर दिया। जीडीए अफसरों ने बताया कि अवैध निर्माण के आरोप में भवन मालिक अनुराग सिंह को कई बार नोटिस भेजे थे, पर कोई जवाब नहीं मिला। इस बीच सामूहिक दुष्कर्म और देह व्यापार के मामले से यह भवन चर्चा में भी आ गया। जीडीए की टीम ने पीएसी व पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई की।
मार्च 2023 में दिया गया था नोटिस : जीडीए अफसरों के अनुसार, जिस भवन में होटल और हुक्का बार चल रहे थे, उसके मालिक अनुराग सिंह को 5 मार्च 2023 को पहला नोटिस दिया गया था। नोटिस में भवन में अवैध तरीके से हो रहे प्रथम व द्वितीय तल का निर्माण रोकने और इसका कारण बताने को कहा गया था, लेकिन अनुराग की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद 5 जुलाई 2024 को एक और पत्र भेजा गया, लेकिन उसका भी कोई उत्तर नहीं मिला।
23 जनवरी 2025 को एक और कारण बताओ नोटिस दिया गया कि क्यों न भवन को सील कर दिया जाए। इस नोटिस का भी जवाब न आने पर जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन के निर्देश पर प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह के नेतृत्व में शनिवार को टीम शाहपुर के गीता वाटिका क्षेत्र में स्थित भवन पहुंची और उसे सील कर दिया। इस दौरान शाहपुर के थानाध्यक्ष नीरज राय भी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
पुलिस ने जीडीए को लिखा था पत्र : शाहपुर के थानाध्यक्ष नीरज राय की ओर से जीडीए को पत्र लिखकर इस भवन के ऊपरी तल पर अवैध रूप से हुक्का बार संचालित करने की जानकारी दी गई थी। यह भी बताया गया था कि 10 जनवरी को पुलिस ने छापा मारा था, जिसके बाद यहां देह व्यापार व सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया था। मामले में तीन नाबालिग लड़कियों ने सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कराया है। इसके बाद अनुराग सिंह के अलावा हुक्का बार संचालक अनिरुद्ध ओझा व अन्य को गिरफ्तार किया गया था।