- खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने की तैयारी, डीएम ने तहसीलों से मांगी रिपोर्ट
मलौली बंधे पर 1500 गाटा की जमीनें चिन्हित, जल्द जारी होगा नोटिफिकेशन
गोरखपुर। नदी के किनारे डूब क्षेत्र में जमीन खरीद रहे हैं, तो सतर्क हो जाएं। आपकी रकम डूब सकती है। ऐसी जमीनों की खरीद-फरोख्त पर प्रशासन रोक लगाने की तैयारी कर रहा है। डीएम ने तहसीलों से डूब क्षेत्र वाली जमीनों का ब्यौरा मांगा है। जल्द ही रोक को लेकर नोटिफिकेशन जारी हो सकता है।
राप्ती नदी के किनारे हार्बर्ट बंधे के किनारे डूब क्षेत्र वाली जमीनों की बिक्री पर प्रशासन पहले ही रोक लगा चुका है। अब मलौली-लहसड़ी बंधे के पास नदी के किनारे की जमीनों की रजिस्ट्री पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। यहां सात गांवों में करीब 1500 गाटा संख्या वाली जमीनों का ब्यौरा तैयार कर लिया गया है। इन जमीनों पर लगातार प्लाटिंग चल रही है। मलौली बंधे के किनारे महेवा से शुरू हुए इस बंधे पर महेवा, मंझरिया बिस्टौली, अजवनिया, सेंदुली-बेंदुली, कठउर, लहसड़ी आदि गांवों में नदी के छोर वाले हिस्से में प्लाॅटिंग हुई है। इन जमीनों की सूची सार्वजनिक करने के पहले प्रशासन ने नोएडा में हाईकोर्ट के आदेश का परीक्षण कराया है। इसके बाद तहसीलों से नदी के किनारे वाले इलाकों की सूची मांगी गई है। इन गांवों में सबसे ज्यादा बिहार के लोगों ने निवेश किया है। अब लहसड़ी बंधे के पास ही 50 से ज्यादा मकान बन गए हैं, जबकि महेवा के पास कॉलोनियां बना ली गई है। बाढ़ के दौरान यहां हमेशा पानी भरा रहता है।
वहीं, गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर राप्ती नदी पश्चिम वाले इलाकों में नदी का पानी भर जाता है। यहां धड़ल्ले से जमीनों की बिक्री हो रही है और मकान बन रहे हैं। यहां भी कुछ हिस्से की जमीनों की बिक्री पर रोक लग सकती है। इन जमीनों का परीक्षण कराने के बाद अधिसूचना जारी करने की तैयारी है।
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कोट
नदी क्षेत्र में जमीनों की खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के लिए सूची तैयार की जा रही है। तहसील से रिपोर्ट मांगी गई है। जमीनों का परीक्षण कराने के बाद जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी।
- कृष्णा करुणेश, डीएम