गोरखपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर केंद्र निर्धारण प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिक्षा विभाग प्रायोगिक परीक्षा की तैयारियां में लगा हुआ है। परीक्षा केंद्र पर योग्य केंद्र व्यवस्थापकों, बाह्य केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक और प्रायोगिक परीक्षा कराने वाले तैनात परीक्षकों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। शिक्षा विभाग ने विद्यालयों को कक्ष निरीक्षकों की तैनाती को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। किसी भी दशा में अयोग्य शिक्षक पाये जाने पर प्रधानाचार्य पर कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन 24 फरवरी से लेकर 12 मार्च तक किया जाना है। इसके पहले एक से आठ फरवरी तक प्रायोगिक परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। केंद्रों का निर्धारण किया जा चुका है, सभी केंद्रों पर नकलविहीन और पारदर्शितापूर्ण परीक्षा कराने को लेकर शिक्षा विभाग विशेष सावधानी बरत रहा है। कक्ष निरीक्षकों के रूप में नियुक्त शिक्षकों को प्रायोगिक परीक्षा कराने और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की जिम्मेदारी दी गयी है। इनकी नियुक्ति विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा की जाएगी। सभी प्रधानाचार्यों को विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों के अपलोड विवरणों की गहनता से जांच करने की जिम्मेदारी दी गयी है।
पोर्टल पर अपलोड कराई गई त्रुटिपूर्ण या भ्रामक सूचनाओं के आधार पर अपात्र या अयोग्य शिक्षक परीक्षक की नियुक्ति होने पर प्रधानाचार्य को उत्तरदायी माना जाएगा। उन पर कार्रवाई की जाएगी। डीआईओएस डाॅ. अमरकांत सिंह ने बताया कि परीक्षकों की नियुक्ति को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं। शिक्षकों के नाम, जन्म तिथि, नियुक्ति तिथि, पंजीकरण संख्या व अध्यापन का विषय, अर्हता की ठीक से जांच करने के उपरांत उनकी तैनाती की जानी है। किसी भी दशा में परीक्षकों के अयोग्य पाए जाने पर प्रधानाचार्य पर कार्रवाई की जाएगी।