देवरिया जिले के सलेमपुर क्षेत्र से इलाज कराने आए परिजनों को भुगतान में देरी करने पर बच्चे को गलत इंजेक्शन देकर जान से मारने की धमकी देने का आरोपी अर्पित हॉस्पिटल के संचालक डॉ. प्रवीण सिंह को गुलरिहा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
संचालक ने मरीज खरीदने के लिए निजी एंबुलेंस चालक से बातचीत भी की थी। मोबाइल में इसके भी साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने रविवार रात 10:10 बजे सहजनवां के डोहरिया कला स्थित एक घर से आरोपी अस्पताल संचालक को गिरफ्तार किया। सोमवार को पूछताछ के बाद जेल भिजवा दिया।
गुलरिहा थाना प्रभारी जीतेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि देवरिया के बरहज थाना क्षेत्र के बेलदार गांव निवासी प्रवीण सिंह ने पांच साल पहले मेडिकल कॉलेज के पास ही चिलुआताल क्षेत्र के करीमनगर में अर्पित हॉस्पिटल खोला था। संचालक डॉ. प्रवीण सिंह ने बिहार के एक डॉक्टर की डिग्री पर हॉस्पिटल का पंजीकरण कराया गया है।
प्रवीण सिंह की शह पर हॉस्पिटल के मैनेजर और कर्मचारी दलालों के संपर्क में रहकर सरकारी अस्पतालों के मरीज अर्पित अस्पताल में भर्ती कराते थे।थाना प्रभारी ने बताया कि 17 जनवरी को एक महिला अपने बच्चे को इलाज के लेकर आई थी।
इस अस्पताल के दलालों ने सरकारी एंबुलेंस के चालक और ईएमटी को झांसे में लेकर मरीज को अपने यहां भर्ती करा दिया। बाद में महिला के घरवालों ने इलाज के बहाने रुपये हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए गुलरिहा थाने में केस दर्ज कराया था।
इस मामले में गुलरिहा पुलिस 108 नंबर एंबुलेंस चालक, ईएमटी, बिचौलिए अमन गुप्ता समेत अर्पित हॉस्पिटल के मैनेजर तुषार टेकड़ीवाल को जेल भिजवा चुकी है।
पुलिस के अनुसार, डॉ. प्रवीण सिंह ने रूस से डॉक्टरी की पढ़ाई की है, लेकिन इसके बाद भारत में होने वाली एक परीक्षा नहीं दी है। इसलिए उसकी डिग्री मान्य नहीं है। नियम से डॉक्टर भी नहीं है। वह बिहार के डाॅ. साकेत सलीम के नाम से पंजीकरण कराकर अर्पित हॉस्पिटल संचालित करने लगा।
मरीजों की ओपीडी संचालित नहीं होने से हॉस्पिटल का बिल और भाड़ा बढ़ने लगा तो अस्पताल के मैनेजर तुषार टेकड़ीवाल के माध्यम से दलालों से संपर्क स्थापित कर लिया। दलाल, मेडिकल कॉलेज से तीमारदारों को झांसा देकर मरीज को हॉस्पिटल में बेचते थे। दूसरी तरफ संचालक इसके बदले दलाल को कमीशन देकर तीमारदारों से इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे। संचालक ने 30 लाख रुपये बैंक से लोन भी लिए हैं।
यह है मामला
देवरिया जिले के सलेमपुर क्षेत्र के वार्ड नंबर 11 भरौली निवासी लक्ष्मी देवी ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि 17 जनवरी को देवरानी लीलावती देवी के बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर 108 नंबर की एंबुलेंस से बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए लेकर गईं।
वहां बाल रोग सेवा संस्थान के कर्मचारियों ने बताया कि वेंटिलेटर खाली नहीं है। बीआरडी से बाहर निकली तो बिचौलिए अमन गुप्ता ने एंबुलेंस चालक से मरीज खरीदने के बाद निजी अस्पताल को बेच दिया था। हालत में सुधार न होने पर अस्पताल प्रशासन से रेफर करने के लिए कहा तो स्टॉफ ने बच्चे को गलत इंजेक्शन लगाकर जान से मारने की धमकी दी थी।
मामले में गुलरिहा पुलिस आरोपी 108 नंबर के एंबुलेंस चालक व ईएमटी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की तो परत दर परत खुलती गई।
हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ साक्ष्य मिलने पर गिरफ्तार कर जेल भिजवाया गया है। कई और निजी एंबुलेंस चालक और दलालों की तलाश चल रही है। बहुत जल्द पकड़ लिया जाएगा:
अभिनव त्यागी, एसपी सिटी