गोरखपुर हुक्का बार की आड़ में देह व्यापार के रैकेट का पर्दाफाश करने के बाद पुलिस ने शुक्रवार को गीडा स्थित बॉम्बे पैलेस होटल को सील कर दिया। इस होटल का संचालन जेल में बंद आरोपी अजय सिंह करता था। सीओ कैंट के निर्देश पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
इससे पूर्व गिरफ्तार सभी 17 आरोपियों के विरुद्ध पुलिस ने चार्जशीट दाखिल किया है। अभी भी धंधे में संलिप्त पांच अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। जल्द इनके विरुद्ध एनबीडब्ल्यू कराकर पुलिस इनपर इनाम भी रख सकती है।
रामगढ़ताल थाने में बीते दो जनवरी को किशोरी के साथ दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया था। किशोरी ने बताया था कि शाहपुर इलाके जेनिस बॉटल हुक्का बार में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो और पीड़िताएं भी सामने आईं।
शाहपुर थाने में कैंपियरगंज की किशोरी ने दस जनवरी और दूसरी देवरिया की किशोरी ने 13 जनवरी को दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। पुलिस की कार्रवाई शुरू हुई तो देह व्यापार का धंधा करने वाले एक बड़े गिरोह पर्दाफाश हुआ।
गिरोह का सरगना अनिरूद्ध ओझा उर्फ सोखा, प्रियांशु जायसवाल, निखिल गौड़, मनीषा उर्फ रेशमा खान, अनुराग सिंह, राजन उर्फ वसीम अहमद, बिमल विश्वकर्मा, सूरज विश्वकर्मा, मुस्कान उर्फ माला पासवान, श्रेय शुक्ला, नन्दिनी उर्फ परी, अजय सिंह, अनुराग त्रिपाठी, संजीत कुमार जायसवाल, आकाश गुप्ता, गौरव कुमार कसौधन और एक बाल अपचारी को पकड़कर पुलिस कार्रवाई कर चुकी हैं। इन आरोपियों की चार्जशीट दाखिल की गई है।
शुक्रवार को पुलिस ने गीडा स्थित बाॅम्बे पैलेस होटल को सील कर दिया है। होटल का संचालक अजय सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। शुक्रवार को सीओ कैंट योगेंद्र सिंह के निर्देश पर होटल सील करने की कार्रवाई की गई। अभी भी पांच और आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगी हुई हैं। जल्द इनके विरुद्ध एनबीडब्ल्यू कराकर पुलिस इनपर इनाम भी रख सकती है।
होटल का बोर्ड हटाकर नीर एसोसिएट का लगा दिया गया था बोर्ड
हुक्का बार प्रकरण को लेकर शाहपुर स्थित फ्लाई-इन होटल और हुक्का बार पर हुई छापेमारी के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर शहर के अन्य होटलों में भी अवैध गतिविधियों की पुष्टि हुई थी। इनमें बाॅम्बे पैलेस होटल भी शामिल था।
संचालक अजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद होटल से उसका नाम और बोर्ड हटा दिया गया था। अब वहां नीर एसोसिएट फर्म का बोर्ड लगा दिया गया था। लोगों का कहना है कि यह सब पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए किया गया था।