गोरखपुर। शरीर को झुलसा रही गर्मी ने त्वचा रोगियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। घमौरियों के केस बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। वहीं सन बर्न और दाद के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। चर्म रोग की ओपीडी में मरीजों की संख्या में वृद्धि दिख रही है, वहीं मेडिकल स्टोर पर भी त्वचा संबंधी रोग के दवाओं की बिक्री में लगभग 30 फीसदी का इजाफा हुआ है।
गर्मी के दिनों में नमी कम होने के चलते त्वचा सूखती है, जिससे कई प्रकार की दिक्कतें आती हैं। जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. नवीन वर्मा बताते हैं कि गर्मी में शरीर का जो हिस्सा सीधे धूप के संपर्क में आता है, वहां की त्वचा सूखती है। अधिक गर्मी होने पर शरीर पर दाने निकल आते हैं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ संतोष सिंह ने बताया कि छोटे बच्चों में घमौरिया पकने लगती है। इस वायरल इंफेक्शन की वजह से बच्चे परेशान होते हैं। अधिक रोते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों को दो से तीन बार नहलाएं और त्वचा को मुलायम रखने वाली क्रीम लगाएं।
दवा विक्रेता अरविंद सिंह बताते हैं कि इस वक्त सबसे अधिक बिक्री त्वचा संबंधी रोग के क्रीम की हो रही है। घमौरियों से बचने के लिए पाउडर, लोशन भी खूब बिक रहे हैं। आमतौर पर जुलाई में बारिश के दौरान संक्रमण के कारण त्वचा रोग बढ़ते हैं, लेकिन इस बार तो जून में ही ऐसे मामले बढ़े हुए हैं।
ये करें उपाय
सफेद या हल्के रंग वाले मुलायम सूती कपड़े पहनें, जिससे त्वचा पर रगड़ न लगे।
ज्यादा देर धूप में न रहें।
अगर सन बर्न की समस्या पहले से है तो बाहर निकलते समय पूरे शरीर को जरूर ढंकें।
खूब पानी पीएं, इससे त्वचा की नमी बनी रहेगी।
दाद वाले स्थान पर साबुन का प्रयोग न करें, त्वचा को पोछकर ही कपड़े पहनें।
जिन जोड़ों पर पसीना रुकता है, वहां नहाते समय सरसों या नारियल का तेल लगा लें, जिससे संक्रमण नहीं होगा।