गोरखपुर। यदि आपके नाम जमीन या मकान है तो सतर्क रहें। अपने लेखपाल से खुद ही संपर्क कर लें, क्योंकि रियल टाइम खतौनी में जो गलतियां हो गई हैं, उसमें सुधार कराने के लिए आपत्तियां दाखिल की जा रहीं हैं। फिलहाल आपत्तियों का निस्तारण आसानी से हो जा रहा है। जो लोग इस दौरान अंश निर्धारण में त्रुटियों में सुधार नहीं करा पाएंगे, उन्हें बाद में एसडीएम न्यायालय में बंटवारे का केस दाखिल करना होगा। इस प्रक्रिया में कई वर्षों तक कचहरी का चक्कर काटना पड़ सकता है।
तहसील सदर क्षेत्र में 618 राजस्व गांवों की खतौनियों को रियल टाइम बनाया जा रहा है, जिसमें 22 गांवों की खतौनियों को अपडेट करने का कार्य किया जा रहा है। इसे 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जो खतौनियां रियल टाइम की गई हैं, उनमें सदर तहसील क्षेत्र में 59.76 प्रतिशत में अंश निर्धारण हो गया है, जबकि अन्य में पत्रावलियों को लेखपालों को सौंपा जा रहा है, जिसमें वे जांच करके रिपोर्ट लगाएंगे। कुछ खतौनियों में लिपिकीय त्रुटि हुई है, उसमें भी सुधार कराने का सही समय यही है।
खतौनियों में इतना हुआ अंश निर्धारण
तहसील अंश निर्धारण प्रतिशत में
सदर 59.76
कैंपियरगंज 65.22
खजनी 53.58
गोला 54.43
चौरीचौरा 68.53
बांसगांव 44.27
सहजनवां 51.25
इस तरह की आपत्तियां, हो रहा निस्तारण
केस एक
पिपराइच के विजय कुमार ने आपत्ति दाखिल की थी कि उनकी खतौनी में 13 खातेदार हैं। पारिवारिक सजरे के अनुसार हिस्सा लगा दिया गया, लेकिन एक व्यक्ति का हिस्सा कम हुआ और अन्य का हिस्सा कुछ बढ़ गया। ऐसा इसलिए हुआ कि एक व्यक्ति ने परिवार के दूसरे व्यक्ति को वसीयत कर दिया था और वारिस के नाम उसका हिस्सा नहीं चढ़ा। आपत्ति दाखिल करने के बाद अंश निर्धारण में सुधार किया गया है।
केस दो
पिपराइच के बेलवा रायपुर के महेंद्र कुमार ने आपत्ति दाखिल की है कि उनकी खतौनी में सात खातेदार हैं। सभी खातेदारों का हिस्सा एक समान होना है, जबकि एक खातेदार का हिस्सा अधिक है और अन्य का हिस्सा कम। इस खाते के अंश निर्धारण में एक खातेदार का हिस्सा 0.008 हेक्टेयर होना चाहिए, लेकिन अंश निर्धारण में 0.0008 हेक्टेयर कर दिया गया और अंतिम में जिनका नाम था, उनके हिस्सा अधिक हो गया। इस आपत्ति का निस्तारण भी कर दिया गया है।
वर्जन
तहसील सदर में जितने राजस्व गांवों की खतौनी रियल टाइम की जा चुकी है, उनमें औसतन 59.74 प्रतिशत अंश निर्धारण हुआ है। बिना अंश निर्धारण वाली खतौनियों की पत्रावलियां लेखपालों को दी गई हैं, ताकि जांच करके सुधार किया जा सके। प्राथमिकता के आधार पर आपत्तियों का निस्तारण किया जा रहा है। जागरूकता का परिचय देते हुए लोगों को अंश निर्धारण में सक्रिय योगदान देना चाहिए।
- विकास कुमार सिंह, तहसीलदार