भक्सा गांव में डबल मर्डर का खुलासा, पुलिस ने आरोपी नाबालिग को किया गिरफ्तार
अपने एक किशोर साथी के साथ मिलकर आरोपी ने दिया वारदात को अंजाम, दूसरा आरोपी फरार
गोरखपुर। अभिषेक कुकर्मी कहकर बार-बार सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करता था, इसलिए बदला लेने के लिए तड़पा-तड़पा कर उसे मार डाला। सबके सिखाने के लिए पहले कुकर्म की कोशिश भी की। उसके साथ मौजूद उसके ममेरे भाई प्रिंस ने यह सब देख लिया था। भेद न खुल जाए, इसलिए उसकी भी जान लेनी पड़ी। इस हत्याकांड में पास के गांव के उसके एक नाबालिग दोस्त ने साथ दिया।
यह कबूलनामा है सहजनवां के भक्सा गांव के दो किशोरों की हत्या में पकड़े गए 17 साल के नाबालिग आरोपी का। पुलिस ने शनिवार को हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी खलीलाबाद में अपने एक रिश्तेदार के यहां छिपा था। रिश्तेदारों को शक हुआ तो उन्होंने किशोर को भगा दिया, जिसके बाद वह दिल्ली चला गया। मामला शांत मान कर वह गांव लौट रहा था, पर मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे सहजनवां से गिरफ्तार कर लिया। अब हत्याकांड में उसका साथ देने वाले आरोपी की तलाश में टीम लगी है।
एसपी उत्तरी जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि 23 जनवरी को भक्सा गांव से अभिषेक और प्रिंस के लापता होने की सूचना के बाद पुलिस ने जब उनकी तलाश शुरू की तो गांव से करीब दो किमी दूर उनकी साइकिल मिली थी। अगले दिन साइकिल मिलने वाली जगह से एक किमी और आगे सरसों के खेत में दोनों किशोरों का गला रेता अर्द्धनग्न शव मिला था। उनके हाथ-पैर भी बंधे थे। घटना स्थल पर पुलिस को एक मोबाइल नंबर लिखी पर्ची मिली थी, जिसपर खून के छींटे थे। उस नंबर पर बात करने पर पता चला कि वह पास के ही एक गांव के व्यक्ति का है।
पुलिस ने उससे पूछताछ की तो बताया कि वह अपना ट्रैक्टर बेचना चाहता है। इसके लिए उसने ओएलएक्स पर विज्ञापन दिया है। उसी से संबंधित एक फोन आया था और फिर एक कम उम्र के लड़के ने आकर मोल भाव किया था। इस पर पुलिस ने उस नंबर का पता लगाया तो पता चला कि पास के एक गांव के किशोर का है। पुलिस उसके गांव गई तो वह लापता था। वहां भक्सा गांव के उसके एक दोस्त के बारे में पता चला, जब पुलिस भक्सा गांव पहुंची तो वह किशोर भी लापता था। पुलिस ने पूछताछ की तब पता चला कि भक्सा गांव का किशोर कुकर्म के मामले में वर्ष 2023 में बाल सुधार गृह जा चुका है। आठ माह वहां रहा था। इसी के साथ किशोरों की हत्या के अगले दिन से ही उसने गायब होने और खोजी कुत्ते के उसके घर के सामने भौंकने की बात ने पुलिस की निगाह में उसे संदिग्ध बना दिया।
घटना के बाद घर से निकल गया था किशोर
परिजनों से पुलिस ने पूछताछ की तो बताया कि गुजरात में किशोर का बड़ा भाई रहता है। उसके पास आता-जाता रहता है। इसके बाद पुलिस गुजरात गई, वहां जाने पर भी नहीं मिला। इसके बाद जानकारी मिलने पर एक टीम दिल्ली भी गई थी। किशोर मोबाइल नहीं इस्तेमाल करता है, इसलिए उसकी सही लोकेशन नहीं मिल पा रही थी। शनिवार दोपहर मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने उसे सहजनवां क्षेत्र में पकड़ लिया। अभिरक्षा में लेकर पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि घर के पास खोजी कुत्ता आया था। इसके बाद पकड़े जाने के डर से खलीलाबाद चला गया था। वहां पर रिश्तेदार को उस पर शक हो गया तो उन्होंने भगा दिया। तब दिल्ली निकल गया था। वहां से आज लौट रहा था, तभी पकड़ा गया।
बार-बार चिढ़ाते थे, इसलिए मारने की योजना बनाई
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि जब से बाल सुधार गृह से आया था, अभिषेक उसे बार-बार चिढ़ाता था। सार्वजनिक रूप से मजाक उड़ाता था, कई जगहों पर कुकर्मी कहकर भी बुलाता था। कई दिनों से बदला लेना चाह रहा था। इधर उसका एक रिश्तेदार चिलुआताल से आया था, उसके साथ वह रोज साइकिल से घूमता रहता था। 23 जनवरी को भी दोनों साथ निकले थे। तब बगल के गांव के एक दोस्त के साथ बाइक से उनके पीछे गया। गांव से दूर सिवान में दोनों को साइकिल से खींचकर एक किमी दूर सरसों के खेत में ले गया। वहां पर दोनों की पैंट और अन्य कपड़े उतारकर हाथ-पैर बांध दिए। उसके चिढ़ाने से बहुत आहत था, कई दिनों से बदला लेना चाह रहा था, इसलिए उसे तड़पाने के लिए गलत काम करने की कोशिश की, लेकिन वह चिल्लाने लगा। फिर चाकू से उसकी गर्दन रेतकर हत्या कर दी। उसके रिश्तेदार को छोड़ रहा था फिर लगा कि भेद खुल जाएगा। इसलिए दोबारा उसे पकड़कर उसकी भी गर्दन रेत दी और शवों को वहीं छोड़कर घर चला गया।
कोट-
एक बाल अपचारी पकड़ा गया है, उसने पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार की है। उसके दोस्त की तलाश चल रही है। बहुत जल्द उसे भी पकड़ लिया जाएगा।
जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी उत्तरी