फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: गोरखपुर चिड़ियाघर होगा अब टाइगर रिजर्व के बाघ का ठिकाना

Sat, 28 Sep 2024 04:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
विज्ञापन
बाघ को लेकर गोरखपुर पहुंची टीम।स्रोत:पीटीआर प्रशासन
विज्ञापन
गोरखपुर/पीलीभीत। खूंखार बाघ का अब नया अस्थायी ठिकाना शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान होगा। बाघ को लेकर डीएफओ पीलीभीत के नेतृत्व में पहुंची टीम शुक्रवार की शाम गोरखपुर चिड़ियाघर पहुंची। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज से 23 सितंबर की सुबह बाघ को बेहोश कर पकड़ा गया था। बाघ ने लंबे अरसे से जंगल से सटे कलीनगर तहसील क्षेत्र के गांवों में आंतक मचा रखा था। नौ सितंबर को बाघ ने बांसखेड़ा निवासी एक ग्रामीण को भैरों बीट में हमलाकर मार भी डाला था।
विज्ञापन

ग्रामीण आतंक का पर्याय बन चुके बाघ को पकड़ने की मांग कर रहे थे। शासन स्तर से मिली अनुमति के बाद खूंखार बाघ को पकड़ने की कवायद शुरू की गई। अधिकारियों ने बाघ को 14 दिन तक चले अभियान के बाद 23 सितंबर की सुबह करीब 4:50 बजे माला रेंज की भैरों बीट में बेहोश कर पकड़ लिया। बाघ को पीटीआर मुख्यालय पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा गया। शासन स्तर से कोई दिशा-निर्देश न मिलने के कारण बाघ पिछले चार दिन से पिंजरे में कैद था। आखिर में शासन स्तर पर एक्सपर्ट से राय-मश्वरे के बाद बृहस्पतिवार देर शाम पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) ने बाघ को शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान गोरखपुर में छोड़ने के निर्देश दिए।
आदेश मिलने के बाद ही देर रात पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह के नेतृत्व में टीम बाघ को लेकर गोरखपुर के लिए रवाना हो गई। टीम ने शुक्रवार सुबह बाघ को गोरखपुर प्राणी उद्यान के अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया। टीम में डिप्टी डायरेक्टर के अलावा पशु चिकित्सक डॉ. दक्ष गंगवार, वन दरोगा राम भरत यादव समेत अन्य वनकर्मी शामिल रहे।
विज्ञापन

चिड़ियाघर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि पीलीभीत से रेस्क्यू कर नर बाघ आया है। वह अभी शहर से बाहर हैं। यहां पर उसकी देखरेख की जा रही है। शनिवार को आने के बाद इसकी हालत की जांच कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें