इसपर भरोसा कर उन्होंने एक एपीके फाइल डाउनलोड कर लिया था जिसके माध्यम से उनके खाते से 2,50,000 रुपये निकाल लिए गए। पुलिस के अनुसार बैंक खाता गोरखपुर का है। सूचना के बाद टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने जिस खाते में रकम गई थी, उस पर रोक लगवा दिया था। इसके बाद शुक्रवार को लविन के खाते में 2.02 लाख रुपये वापस करवा दिए।
अमेरिका में रहने वाले एनआरआई लविन जे. मोरार के साथ 2.50 लाख रुपये की साइबर ठगी हो गई थी। जालसाजों ने व्हाट्सएप पर एपीके फाइल डाउनलोड करवाकर बैंक खाते से रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत की। जांच के बाद शुक्रवार को साइबर थाने की पुलिस ने 2.02 लाख रुपये वापस करवा दिए।
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इसके बाद पीड़ित ने गोरखपुर पुलिस के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। जानकारी के अनुसार, शाहपुर थाना क्षेत्र के बशारतपुर निवासी लविन जे. मोरार अमेरिका में रहते हैं। उन्होंने 15 अगस्त को साइबर थाने को ई-मेल कर घटना के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि एचडीएफसी बैंक का लोगो लगाकर उन्हें एक व्हाट्सएप मैसेज आया।
इसपर भरोसा कर उन्होंने एक एपीके फाइल डाउनलोड कर लिया था जिसके माध्यम से उनके खाते से 2,50,000 रुपये निकाल लिए गए। पुलिस के अनुसार बैंक खाता गोरखपुर का है। सूचना के बाद टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने जिस खाते में रकम गई थी, उस पर रोक लगवा दिया था। इसके बाद शुक्रवार को लविन के खाते में 2.02 लाख रुपये वापस करवा दिए।
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कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक मु. रसीद खां, उप निरीक्षक दिव्येंदु तिवारी, आरक्षी दीपचंद भारती, महिला आरक्षी खुशबू मौर्या और कुमकुम सिंह यादव की अहम भूमिका रही।
एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने कहा कि किसी भी तरीके के साइबर अपराध होने पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पोर्टल https://www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। किसी भी तरह की एपीके फाइल या अनजान मैसेज क्लिक न करें।