प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार- पीछे हो रहे क्रूज के चक्कर में हुआ था हादसा
हादसे में घायल युवक के परिजन ने प्लेटफाॅर्म नंबर पांच के बोट चालक व संचालक के खिलाफ दी तहरीर
गोरखपुर। रामगढ़ताल में मंगलवार को दो स्पीड बोटों के टकराने की घटना पर बुधवार काे जीडीए ने प्लेटफॉर्म पांच और छह से बोट संचालन पर रोक लगा दी। साथ ही बोट संचालकों को नोटिस देकर तीन दिन के अंदर जवाब मांगा है। इधर, हादसे में घायल रामअशीष के परिजन ने प्लेटफॉर्म नंबर पांच के संचालक और बोट चालक के खिलाफ रामगढ़ताल थाने में तहरीर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा पीछे हो रहे क्रूज के चलते हुआ है।
खोराबार के सोनवे ढोलवजन निवासी रामअशीष मंगलवार शाम पत्नी अंजली व 11 वर्षीय बेटे हिमांशु के साथ रामगढ़ताल घूमने आए हुए थे। शाम करीब छह बजे वह परिवार संग प्लेटफाॅर्म नंबर छह पर लगे बोट में बैठ गए। बोट जैसे ही प्लेटफाॅर्म से निकली सामने से तेज गति से आ रहे प्लेटफाॅर्म नंबर पांच के चालक शिवम ने उनकी बोट के बीच में टक्कर मार दी थी। हादसे में दंपती व उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। मामला संज्ञान में आने के बाद जीडीए सचिव ने दोनों प्लेटफाॅर्म से बोट संचालन पर रोक लगाते हुए हादसे एवं अनुबंधन के शर्तों व सुरक्षा के मानकों के विरुद्ध किए जा रहे संचालन के संबंध में तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है।
नियम विरुद्ध चलाया जा रहा था बोट
जीडीए की जांच में पता चला कि प्लेटफॉर्म नंबर पांच व छह के बोट चालक नियम विरुद्ध संचालन कर रहे थे। टीम ने जब बुधवार को क्रूज संचालक से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि प्लेटफाॅर्म नंबर पांच का बोट चालक शिवम यात्रियों में रोमांच उत्पन्न करने के लिए क्रूज के बिल्कुल पास से घुमाते हुए ले जा रहा था, तभी सामने से आ रही बोट टकरा गई। घुमाव के चलते दोनों बोट चालक एक दूसरे को देख नहीं पाए और हादसा हो गया।
पहले भी हो चुकी हैं कई बार शिकायतें
बताया जा रहा है कि स्पीड बोट के संचालकों की ओर से लापरवाही से बोट चलाए जाने की शिकायत मिल रही थी। इसके चलते 19 मार्च को दोनाें संचालकों को चेतावनी पत्र भी जारी किया गया था। इसके बाद भी संचालकों ने चेतावनी पत्र को नजर अंदाज कर दिया गया। जीडीए की शर्तों के अनुसार, बोट संचालक लाइफ जैकेट पहनाकर ही पर्यटकों को बोट पर बैठाकर चलाएंगे। बोट चालक के पास लाइसेंस होना चाहिए। साथ ही बोट पर पर्यटकों के साथ गोताखोर भी होना चाहिए। इसके बावजूद संचालक नियमों का पालन नहीं करते हैं। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
शिकायत के बाद भी दर्ज नहीं हुआ केस
पीड़ित रामअशीष का कहना है कि बुधवार कोे उनके परिजन (पत्नी और साला) रामगढ़ताल थाने पहुंचकर मामले की शिकायत की। लेकिन वहां मौजूद पुलिस कर्मी थानाप्रभारी चितवन कुमार के वीआईपी ड्यूटी में होने की बात कहकर तहरीर लेकर वापस भेज दिए। पीड़ित का कहना है कि हादसे के बाद भी पुलिस की कार्यशैली उन्हें समझ में नहीं आई।
क्रूज पर सवार लोग बनाते रहे वीडियो
हादसे के बाद प्लेटफाॅर्म पांच व छह पर मौजूद गोताखोरों ने ताल में छलांग लगाकर दंपती व उनके बेटे की जान बचाई। जान बचाने वालों में अविनाश निषाद, प्यूष पासवान, अंकुर, अमित व अभिषेक शामिल हैं। जिन्होंने अपनी आंखों के सामने हादसा होेते हुए भी देखा था। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद रामगढ़ताल में रामअशीष डूब रहे थे और क्रूज पर सवार लोग वीडियो बना रहे थे। हादसा पीछे हो रहे क्रूज के चलते हुआ।