वॉलीबाल खिलाड़ी की खुदकुशी का मामला, दोस्त बोला-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनना चाहता था आदर्श सिंह
स्टेडियम में रोज शाम को करता था प्रैक्टिस, शुक्रवार को आखिरी बार आया था
गोरखपुर। आदर्श सिंह तो वॉलीबाल का अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनना चाहता था। इसके लिए वह रीजनल स्टेडियम में सुबह-शाम अभ्यास करता था। रविवार शाम को उसने किट बनवाने के लिए बोला था। मैंने ऑर्डर भी दे दिए। आदर्श ने मुझसे कहा था कि मिलने पर भुगतान कर दूंगा। मैं उसकी खुदकुशी से हैरान हूं कि मुलाकात के समय बिल्कुल ठीक दिख रहे आदर्श ने खुदकुशी क्यों कर ली..।
यह कहना है आदर्श के साथी खिलाड़ी और दोस्त का। गुलरिहा थाना क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज में किराए के मकान में बहन के साथ रह कर पढ़ाई कर रहे 12वीं के छात्र आदर्श सिंह (18) ने फंदा लगाकर जान दे दी। सोमवार सुबह उसका शव पंखे के कुंडे में चद्दर के सहारे लटका मिला।
मूलरूप से कुशीनगर के हाटा इलाके के सिकटा गांव निवासी आदर्श सिंह एमपी इंटर कॉलेज में 12वीं का छात्र था। वह पढ़ाई के साथ रेलवे स्टेशन स्थित रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में वॉलीबाल का प्रैक्टिस भी करता था। वह अपनी बड़ी बहन निधि सिंह के साथ संगम चौराहा स्थित शिवपुर सहबाजगंज निवासी नीलम श्रीवास्तव के मकान में तीसरी मंजिल पर किराए पर रहता था।
रीजनल स्टेडियम में आदर्श के साथ अभ्यास करने वाले दोस्तों ने बताया कि आदर्श आखिरी बार शुक्रवार शाम को प्रैक्टिस करने आया था। अभ्यास के बाद उन्होंने उसे धर्मशाला बाजार छोड़ा था। इस दौरान वह चयन और खेल को लेकर ही बातें कर रहा था। रविवार शाम को एक दोस्त ने उसे किट बनवाने के लिए पूछा। आदर्श ने कहा था कि वह उसके लिए भी बनवा दे। मिलने पर भुगतान कर देगा।
दोस्त ने बताया कि आदर्श अक्सर कहता रहता था कि वह माता-पिता का इकलौता बेटा है। मेहनत कर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनना है तभी उनका नाम रोशन होगा। इसके लिए वह सुबह-शाम प्रैक्टिस करता था। दोस्तों के साथ भी उसका व्यवहार काफी सरल था। वह व्यक्तिगत चीजों को कभी साझा नहीं करता था।
बरेली में स्टेट चैंपियनशिप में लिया था हिस्सा
आदर्श ने अक्तूबर 2024 में बरेली में आयोजित स्कूल स्टेट चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। अंडर-17 स्तर की प्रतियोगिता में आदर्श ने प्रतिभाग किया लेकिन टीम पदक हासिल नहीं कर सकी। आदर्श लिब्रो पोजिशन पर खेलता था। कोच बृजेश यादव ने बताया कि वह काफी होनहार खिलाड़ी था। मैदान पर अनुशासन में रहकर अभ्यास करता था। बताया कि किसी के कुछ बोलने पर भी वह शांत हो जाता था। लड़ाई-झगड़े से काफी दूर रहता था। अचानक उसके ऐसा कदम उठाने से सभी खिलाड़ी हैरान हैं।
अपने में ही खोया रहता था आदर्श
आदर्श के दोस्तों ने बताया कि वह खेल और कॅरिअर से जुड़ी बातें तो करता था लेकिन निजी समस्याओं को कभी साझा नहीं किया। किसी बात को लेकर परेशान दिखने पर भी कुछ नहीं बताता था। पिछले कुछ दिनों से इंस्टाग्राम पर सैड स्टेट्स (दुख भरी कहानी) लगा रहा था। वह अक्सर अपने में ही खोया रहता था।