ग्रामीणों के विरोध की वजह से अयोध्याचक में नगर निगम के ‘फ्रेस वेस्ट बायो कल्चर ट्रामल प्लांट’ साइट पर पिछले चार दिन से कचरा नहीं गिर रहा। वैकल्पिक तौर पर निगम कटनिया बांध पर कचरा गिरा रहा है। लेकिन, यह एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन है।
26 जुलाई को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने राप्ती नदी के तटबंध पर कई टन कचरा फेंके जाने के प्रकरण में आदेश दिया था कि यूपी में सड़क, नदियों, जलमार्गो, झीलों, नालों पंचायत या राजस्व भूमि, लोक निर्माण विभाग या अन्य प्राधिकरणों के भूमि पर कूड़ा फेंकने या ठोस अपशिष्ट डालने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
उल्लंघन पर पहली बार 25 हजार और दूसरी बार 50 हजार रुपये जुर्माना लगाने का आदेश दिया था।
नगर निगम भवन
- फोटो : स्त्रोत- एक्स
कटनिया तटबंध पर पिछले चार दिन से 400 टन प्रतिदिन से अधिक कचरा गिराया जा रहा है। अयोध्याचक में स्थानीय नेताओं ने संक्रामक रोग फैलाने की आशंका जताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू किया। चौरीचौरा एसडीएम ने आंदोलित लोगों से इस शर्त पर समझौता किया कि नया कचरा नहीं गिरेगा।
गिराए गए कचरे का निस्तारण किया जाएगा। उसके बाद प्लांट स्थानांतरित किया जाएगा। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल का कहना है कि एक-दो दिन में समाधान निकाल लिया जाएगा। कई विकल्पों पर विचार चल रहा है।