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गंगेश हत्याकांड: घटना वाले दिन नोएडा और बिछिया में मिली दो आरोपियों की लोकेशन

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गोरखपुर। गंगेश पांडेय हत्याकांड में उसकी विसरा जांच में जहर से मौत होने की पुष्टि के बाद एसआईटी को अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है, जिससे घटना का पर्दाफाश हो सके। परिजनों का दावा है कि गंगेश को कोल्ड ड्रिंक में जहर दिया गया था। जबकि पुलिस दावा कर रही है कि सीसीटीवी फुटेज में खुद ही गंगेश एक दुकान से कोल्ड ड्रिंक लेते दिख रहा है। वहीं खोवा मंडी के दुकानदार का कहना है कि दुकान पर इतनी भीड़ होती है, मैं कैसे पहचान पाऊंगा कि किसने क्या-क्या सामान लिया। इन सब के बीच एसआईटी की चुनौती अब बढ़ती जा रही है।
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कैंट थाने में इस मामले में दो अधिवक्ता समेत सात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इसमें मोबाइल नंबरों की जांच में घटना वाले दिन दोनों अधिवक्ताओं की लोकेशन अलग-अलग बिछिया और नोएडा मिली है। साथ ही आरोपियों और अधिवक्ताओं के बीच कोई बातचीत का साक्ष्य भी पुलिस को नहीं मिला है, जिससे दोनों के बीच संबंध होने की बात स्वीकार की जा सके। यह साक्ष्य अधिवक्ताओं को क्लीन चीट तो नहीं देते हैं, लेकिन इससे उन्हें थोड़ी राहत जरूर मिली होगी।

खोवा मंडी में कई बार गंगेश ने पूछा पता
पुलिस ने इस घटना की एक घंटे की सीसीटीवी फुटेज गोलघर, गणेश चौक और खोवा मंडी से एकत्र की है। 11 मई को सुबह करीब 9:30 बजे गंगेश महेवा स्थित घर से निकला। सीसीटीवी कैमरे में वह करीब 10 बजे खोवा मंडी में दिख रहा है, कई बार बाइक रोककर वह फोन मिलाकर किसी से बात कर रहा है। इस दौरान कुछ लोगों से अधिवक्ता के ऑफिस का पता भी पूछते दिख रहा है। सूत्रों के अनुसार गंगेश पहली बार अधिवक्ता से मिलने खोवा मंडी ऑफिस पर गया था। काफी तलाश के बाद आखिरी बार अपने भतीजे से बात करते हुए अधिवक्ता के ऑफिस में जा रहा है।
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एक दुकान पर रखा था गंगेश का हेलमेट
गंगेश अधिवक्ता के ऑफिस में अपना हेलमेट भूल गया था, जिसे नीचे स्थित एक दुकान पर रखवाया गया था। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने के बाद पुलिस ने अगल-बगल की दो दुकानों पर पूछताछ की थी। एक दुकानदार का कहना था कि मेरी दुकान पर हेलमेट रखा, जिसे बाद में कोई ले गया था। वहीं बगल में स्थित दूसरी दुकान जहां से गंगेश ने कोल्ड ड्रिंक ली थी, उस दुकानदार का कहना है इतनी भीड़ होती है, ऐसे में एक-एक व्यक्ति को पहचान पाना बड़ा मुश्किल है। फिलहाल पुलिस की जांच में अभी तक खोवा मंडी में कोई संदिग्ध नहीं दिखा है। अब पुलिस गंगेश के घर से निकलने के बाद वह कहां-कहां गया इसकी जांच पड़ताल कर रही है।

यह है मामला
महेवा में रहने वाले गंगेश पांडेय के भाई योगेश दत्त की वर्ष 2017 में हत्या कर दी गई। इस मामले में वह मुख्य गवाह था। गवाही के सिलसिले में वह मई के पहले सप्ताह में दिल्ली से गोरखपुर आया। 11 मई की सुबह 10.30 बजे केस के संबंध में बात करने घर से निकला। एक घंटे बाद गोलघर में उसकी मृत्यु हो गई। परिजनों की तहरीर पर 13 जून को इस मामले में आरोपियों पर केस दर्ज हुआ।
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