गोरखपुर-सोनौली मार्ग पर जंगल कौड़िया में सोमवार को फ्लाईओवर के किनारे सर्विस लेन निर्माण के लिए नायब तहसीलदार, एनएचएआई के अधिकारियों ने अतिक्रमण हटवाया। इस दौरान चार दुकानें और दो मकान तोड़े गए। ग्रामीणों की अधिकारियों से हल्की नोकझोंक भी हुई लेकिन अधिकारियों के समझाने पर वे अतिक्रमण हटवाने का मान गए। ग्रामीणों ने मुआवजे की भी मांग की।
सोनू जायसवाल, रामप्रवेश और मनोज जायसवाल के मकान और दुकानें तोड़ी गईं। एक मकान के मालिक ने घंटों तक मकान न तोड़ने की जिद की, लेकिन अधिकारियों ने जर्जर मकान से हादसे की आशंका जताते हुए पोकलेन से इसे ध्वस्त करा दिया। प्रभावित लोगों ने बताया कि उन्हें मकान का मुआवजा मिला, लेकिन जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया गया। इसलिए जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया। ग्रामीण बृजेश विश्वकर्मा ने बताया कि उनके मकान का 80 फीसदी हिस्सा सड़क की जद में आ रहा है और मुआवजा नहीं मिलने से वे बेघर होने की कगार पर हैं।
बृजेश ने मकान का अगला हिस्सा स्वयं तोड़ लिया लेकिन शेष हिस्सा मुआवजा मिलने के बाद ही तोड़ने की बात कही। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जिन्हें मुआवजा नहीं मिला उनकी समस्या का समाधान जल्द किया जाएगा।
एक जर्जर मकान को ध्वस्त कराया गया है। अधिकतर क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त हो गया है। इससे सर्विस लेन निर्माण में तेजी आएगी। मुआवजे न मिलने की बात करने वाले लोग एसएलओ कार्यालय से संपर्क करें:
ज्ञान प्रताप सिंह, तहसीलदार सदर