फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: पहले गुटखा खाना छोड़ें... तभी जाऊंगी ससुराल

Sat, 25 May 2024 06:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर। महिला थाने में पति-पत्नी के बीच शक, शराब और घरेलू विवाद के मामले आते रहते हैं। अब कुछ ऐसे भी मामले आ रहे, जिसमें महिला थाने की पुलिस भी परेशान है कि आखिर वह इसे सुलझाने के लिए क्या करें। पत्नियां शिकायत लेकर थाने पहुंच रही हैं कि पति खुद तो अनुशासनहीन रहते हैं, बच्चों को भी यहीं सिखा रहे हैं। कई लोगों की पत्नियां तो इन आदतों तंग आकर मायके चली गईं। उनका कहना है कि पति पहले गुटखा खाना छोड़ें तभी ससुराल जाऊंगी।
विज्ञापन

दरअसल इन दिनों कुछ पत्नियां पति के गुटखा खाकर घर में थूकने, कूड़ा और घर का सामान फैलाने की आदत से परेशान हैं। इसकी शिकायत लेकर वह महिला थाने पहुंच रही हैं। उनका कहना है कि पति ऑफिस की तरह घर पर भी कहीं भी गुटखा खाकर थूक देते हैं, जिससे दीवारों पर दाग पड़ जाते हैं। जिसे छुड़ाने में काफी समय बर्बाद होता है। इसके साथ ही वह केले के छिलके, तकिए, कपड़े, जूते को इधर-उधर फैला देेते हैं। अब तक पति गंदगी फैलाते थे तो पत्नी किसी तरह साफ करती थीं, लेकिन अब वह बच्चों को भी बेपरवाह बना रहे हैं। बच्चों को सफाई से रहने की सीख नहीं देते।
पति की आदतों का अनुसरण कर बच्चे भी घर में इधर-उधर कूड़े फैला रहे हैं। इस कारण रोज घर मेंं लड़ाई होती है। पत्नियां पति की इन आदतों से परेशान होकर महिला थाने में गुहार लगा रही हैं... मैडम पति की आदतों से परेशान हो चुकी हूं। अब साथ तभी रह सकती जब यह सुधर जाएं।
विज्ञापन

वहीं पतियों का कहना है कि कुछ आदतें हमेशा साथ रहती हैं। ये हमेशा हर चीज के लिए डांटती हैं। गुटखा खाना कैसे छोड़ सकता हूं। इन्हें ज्यादा सफाई करने की आदत है। इस कारण रोज लड़ाई होती है।
-
केस 1
रेलवे कॉलोनी में झारखंड के रहने वाले एक दंपती की शादी सात साल पहले हुई थी। पति रेलवे में कर्मचारी हैं। पति को गुटखा खाने की आदत है। वह गुटखा खाकर कहीं भी थूक देते हैं। इस कारण घर की फर्श खराब हो गई है। इसे लेकर कई बार लड़ाई हो चुकी है। इन्हें देखकर बेटा भी वहीं कर रहा है। वह भी गुटखे की तरह चॉकलेट खाता है और फिर घर में थूक देता है। बेटे की आदत न बिगड़े इसके लिए अब पति साथ नहीं रहना चाहती हूं। दोनों का मामला दो महीने पहले मार्च में महिला थाने में आया था। चार बार काउंसिलिंग करने के बाद भी बात नहीं बनी। अब दोनों का मामला न्यायालय में चला गया है।

केस 2
खोराबार थाना क्षेत्र का युवक पत्नी के दो माह से मायके रहने की शिकायत लेकर दो सप्ताह पहले 12 मई को महिला थाना आया था। युवक का कहना था कि पत्नी ने उसे बच्चों से दूर कर दिया है। वह घर नहीं आना चाह रही है। पुलिस ने पति-पत्नी को बुलाकर जब समझाया तो पत्नी ने कहा कि पति खुद तो अनुशासनहीन रहते हैं, अब बच्चे को भी बिगाड़ रहे हैं। इस बात को लेकर रोज घर में कलह होती थी।इसलिए घर छोड़ दी हूं। इनके सुधरने पर ही घर जांऊगी। पत्नी का कहना था कि पति कपड़े, जूते, बैग, फाइल को घर में बिखेरे रहते हैं। पान मसाला खाकर बाल्कनी में थूक देते हैं। हालांकि दो काउंसिलिंग के बाद पति ने अपनी आदतें सुधारने का समय मांगा जिसके बाद बुधवार को महिला घर जाने के लिए राजी हो गई।

केस 3
गोरखनाथ थाना क्षेत्र निवासी सरकारी कर्मचारी के गुटखा खाने की आदत से परेशान पत्नी कुछ दिन पहले महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पत्नी का कहना है कि पति गुटखा खाकर कपड़े गंदे करते हैं। कपड़े साफ नहीं होने पर लड़ाई करते हैं। घर में गंदे मोजे और कपड़े फेक देते हैं। इसे देखकर बच्चे भी घर को गंदा कर रहे हैं। दिन भर घर की सफाई करती रहती हूं। रोज शाम ड्यूटी से घर आने पर पति ताना मारते हैं कि तुम कुछ काम नहीं करती हो। इस कारण परेशान होकर छह महीने से मायके रह रही हूं। अब घर तभी जाऊंगी जब पति गुटखा खाना छोड़ेंगे।

- कोट
महिला थाने में पति-पत्नी विवाद के कुछ ऐसे मामले आते रहते हैं, जिनका हल निकालना मुश्किल होता है। फिर भी उन्हें समझाकर साथ रहने की सलाह दी जाती है। इसके लिए कई बार पति-पत्नी को बुलाकर उनकी काउंसिलिंग कराई जाती है। पुन: घर बसाने का पूरा प्रयास किया जाता है, पर ऐसे मामलों में दोनों को अपनी कुछ आदतों को बदलने की पुलिस सलाह देती है। अधिकांश मामले में दोनों साथ रहने को तैयार हो जाते हैं।
विज्ञापन

- राजकुमारी शुक्ला, उप निरीक्षक, महिला थाना
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें