गोर्रा नदी में डूबी नाव ने छात्र के पिता और उसका चचेरा भाई थी सवार
झंगहा/सरदारनगर। झंगहा थाना क्षेत्र के गोर्रा नदी स्थित करही घाट पर शनिवार को हुए नाव हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। घटना में राजधानी गांव निवासी छात्र कृष चतुर्वेदी डूब गया। उसके पिता मतनेश चतुर्वेदी ने अपनी आंखों के सामने बेटे को लहरों में समाते देखा। पिता ने बेटे को बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन वे केवल अपने भतीजे ओम को ही सुरक्षित बाहर निकाल सके।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव जैसे ही नदी के बीच पहुंची चालक ने इंजन स्टार्ट कर दिया। इससे नाव ठोकर से टकराकर टूट गई। पलभर में नाव में पानी भर गया और लोग जान बचाने के लिए नदी में कूद पड़े। मतनेश ने बेटे कृष का हाथ पकड़ा लेकिन अचानक छूट गया। उस समय उन्होंने पास में ही डूब रहे भतीजे ओम को बाहर की ओर धकेला और किसी तरह उसे किनारे तक खींचकर लाए।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
कृष के परिवार में हादसे से मातम का साया छा गया है। करीब पांच साल पहले ही कृष की बड़ी बहन सोनी की बीमारी से मौत हो चुकी थी। अब एकलौते बेटे के नदी में डूबने से परिवार टूट गया है। गांव में भी मातम पसरा हुआ है और घर पर लोगों का तांता लगा है। परिवार के मुताबिक, कृष गुजरात के बड़ोदरा में कक्षा नौ में पढ़ाई कर रहा है। साथ ही क्रिकेटर बनने की तैयारी भी करता है। छुट्टियों में वह अपने गांव आया। शनिवार को रिश्तेदारों के साथ नाव से नदी पार कर रहा था।
शाबाश विशाल ....
ग्रामीणों के अनुसार, बसुही गांव के विशाल ने कई लोगों को डूबने से बचाया, जबकि कुछ लोग तैरकर किनारे तक पहुंचे। कृष कुमार गहरे पानी में डूब गया और अब तक लापता है। घटना के बाद डीएम दीपक मीणा और एसएसपी राजकरन नैय्यर मौके पर पहुंचे और उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। नाव चालक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
दशकों से लंबित है पुल निर्माण
करही घाट पर करीब 50 वर्षों से नावें ही ग्रामीणों का सहारा हैं। इस घाट से लगभग 18 गांवों के लोग बाजार, स्कूल, बैंक और खेतों तक पहुंचने के लिए नाव का इस्तेमाल करते हैं। हर दिन करीब एक हजार लोग इस रास्ते से गुजरते हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार से कई बार पक्के पुल की मांग की गई, लेकिन आज तक निर्माण नहीं हुआ। फिलहाल, यहां पीपा पुल लगाने की योजना थी, मगर नदी का जलस्तर बढ़ जाने के कारण अभी तक उसे लगाया नहीं जा सका।
प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी
भगवान साक्षात हमारे साथ खड़े थे, तभी जान बची। मेरे सामने लोग डूब रहे थे, लेकिन मैं किसी को नहीं बचा सका। खुद किसी तरह किनारे आया।
- लक्ष्मण, बसुही
कई दशक से बच्चे और ग्रामीण इसी नाव से आते-जाते हैं। पक्का पुल नहीं होने के कारण हर साल खतरा बना रहता है। सरकार को जल्द पुल बनवाना चाहिए।
- चंद्रप्रकाश शर्मा, ग्रामीण
डीएम और एसएसपी ने पक्का पुल बनवाने का दिया आश्वासन
डीएम दीपक मीणा और एसएसपी राजकरन नैय्यर ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। डीएम ने कहा कि नाव संचालन में लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर पक्के पुल के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजने का आश्वासन दिया।
हादसे में संबंधित विभाग की जिम्मेदारी तय होगी: विधायक सरवन निषाद
सरदारनगर। चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र के करही घाट पर हुए नाव हादसे को विधायक सरवन निषाद ने बेहद दुखद बताया है। उन्होंने रविवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। विधायक ने बताया कि उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे की पूरी जानकारी ली है। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि घाट पर जर्जर नावों का संचालन लंबे समय से किया जा रहा था, जिसकी शिकायत पहले भी की गई थी। विधायक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से वार्ता कर संबंधित विभाग की जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की वर्षों से लंबित पक्का पुल निर्माण की मांग वाजिब है। इस पर जल्द ही संबंधित विभाग से बातचीत कर कार्यवाही कराई जाएगी। विधायक ने कहा कि एक भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
ओबीसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पीड़ित परिवार को बंधाया ढांढस, पुल निर्माण की मांग दोहराई
सरदारनगर। झंगहा क्षेत्र के करही घाट पर हादसे के बाद रविवार को ओबीसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष काली शंकर यदुवंशी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाते हुए घटना को शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की नाकामी बताया। काली शंकर ने कहा कि पार्टी कई वर्षों से करही घाट पर पक्का पुल निर्माण की मांग करती आ रही है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन, कमिश्नर और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को ज्ञापन दिया गया था। कई बार धरना-प्रदर्शन भी किए गए, लेकिन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यही लापरवाही अब इस हादसे का कारण बनी है। ओबीसी पार्टी प्रमुख ने चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह के भीतर पुल निर्माण की घोषणा नहीं की गई तो पार्टी वृहद आंदोलन शुरू करेगी। जो तब तक जारी रहेगा जब तक करही घाट पर पुल नहीं बन जाता। उन्होंने मृतक छात्र के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने और हादसे के लिए जिम्मेदार लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की।