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Gorakhpur News: महाकुंभ में गए अपनों के लिए परिवार रहा परेशान

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लगातार किया संपर्क, सलामती की खबर से मिला सुकून
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गोरखपुर। प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ के बाद शहर से गए कई श्रद्धालुओं का संपर्क न होने पर घरवाले परेशान हो गए। जब लोगों ने घर वालों से फोन पर बात कर सलामती की खबर बताई तो जाकर उन्हें सुकून मिला।
तारामंडल निवासी राणा देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रात करीब सवा दो बजे भगदड़ की सूचना मिली। इसके बाद प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर हम लोगों को रोक दिया। संगम की ओर अफरा-तफरी मची रही लेकिन हम लोग थोड़ी दूरी पर थे तो कोई दिक्कत नहीं हुई। तत्काल घर पर फोन करके सलामती की सूचना दी। वहीं रुस्तमपुर के राघवेंद्र प्रताप सिंह और बशारतपुर के अशोक मिश्रा ने बताया कि भीड़ इतनी ज्यादा थी कि लोग समझ नहीं पा रहे थे कि किस ओर जाएं। एक दिन पहले संगम पर स्नान किया था तो घटना के बाद हम लोग उधर नहीं गए। जैसे ही लोगों को घटना की सूचना मिली तो लोगों का फोन आना शुरू हो गया। हालांकि, थोड़ी देर में सब कुछ नार्मल हो गया।
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पिपराइच की रहने वाली अलखनंदा उपाध्याय, उपासना व राजन चतुर्वेदी सोमवार को ही निजी साधन से प्रयागराज गए थे। संगम से 15 किलोमीटर दूर वाहन खड़ा कर संगम से लगभग छह से सात किलोमीटर दूर ठहरने का जगह लिया। उन्होंने 28 को भी सुबह संगम पर स्नान किया। 29 को मौनी अमावस्या में ब्रह्म मुहूर्त में मौन स्नान करने के लिए यह लोग रात में ही संगम की ओर चल दिए। श्रद्धालु अलखनंदा उपाध्याय ने बताया कि हम पांच लोग एक साथ एक गाड़ी से आए थे। रात 3:30 बजे भगदड़ में हम लोग परेशान हो गए। जिसमें से दो लोग बिछड़ गए। भगदड़ में हमारी सांस ही अटक गई थी। भगदड़ कैसे हुआ यह पता ही नहीं चल रहा था। किसी तरह से हम लोग अलग-अलग बिछड़ कर स्नान कर लिए परंतु इसके बाद इधर-उधर ढ़ूढ़ने पर चार घंटे के बाद हम सब लोग मिल गए। इधर अलखनंदा के श्वसुर हरिश्चंद्र ने बताया कि सुबह टीवी पर न्यूज में भगदड़ की खबर सुनकर हैरान रह गए। फोन लगाने पर लग नहीं रहा था। बाद में फोन लगा तो उठ नहीं रहा था। चिंता के मारे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। बाद में फोन पर सलामती की खबर सुनकर सुकून मिला।
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