देवरिया के एकौना थाना क्षेत्र के कुछ संदिग्ध लोगों से पुलिस ने की पूछताछ
नदी के किनारे की जमीनाें का फर्जी परवाना आदेश से नामांतरण कराने का मामला
गोरखपुर। नदी के किनारे की जमीनों पर फर्जी परवाना आदेश (नामांतरण) से नाम दर्ज कराने के मामले में पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं। इस मामले से जुड़े लोगाें से पूछताछ में पता चला है कि मास्टरमाइंड देवरिया का रहने वाला है। उसकी सांठगांठ तहसील में कार्यरत कुछ विभागीय कर्मचारियों से हैं। पुलिस को अब इस मास्टरमाइंड की तलाश है।
फर्जी परवाना आदेश के आधार पर जमीन अपने नाम करवाने वाले धंधेबाजों का मामला फरवरी में खुला था। रुद्रपुर, देवरिया के 11 और खड्डा, कुशीनगर के तीन मामले पकड़े गए थे। इनमें आरोपियों ने फर्जी परवाना के आधार पर दूसरे की जमीन अपने नाम करा ली थी।
सहायक अभिलेख अधिकारी (एआरओ) के पेशकार अंकुर श्रीवास्तव की तहरीर पर कैंट पुलिस ने 19 फरवरी 2025 को सभी 14 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का केस दर्ज किया था। पुलिस की विवेचना में अब तक करीब 52 आरोपियों के नाम सामने आए हैं। इसमें 15 मृतक हैं और 10 विदेश में रहते हैं।
नाटा का देवरिया से कनेक्शन तलाश रही पुलिस
मामले की जांच में अब पुलिस कुशीनगर के शिवपुर गांव के सत्यप्रकाश उर्फ नाटा का कनेक्शन देवरिया के मास्टरमाइंड से तलाश रही है। सूत्रों की मानें तो सभी फर्जी परवाना आदेश का मजमून और लिखावट एक जैसा है। इसलिए इस बात का शक है कि नाटा का कनेक्शन कहीं न कहीं देवरिया के मास्टरमाइंड से भी है। बहरहाल, पुलिस ने एकौना थाना क्षेत्र के कुछ संदिग्ध लोगों से भी पूछताछ की है जिसमें कुछ विभागीय नाम भी सामने आए हैं।
वर्जन
फर्जी परवाना प्रकरण में कुछ संदिग्ध लोगों की जानकारी मिली है। कुछ लोगों से पूछताछ की गई है। सभी के बारे में जानकारी और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
- योगेंद्र सिंह, सीओ कैंट