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एम्स में सुविधाएं बढ़ेंगी और सभी सुपर स्पेशियलिटी खुलेंगे : डॉ. विभा दत्ता

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एम्स की नई कार्यकारी निदेशक डा. विभा दत्ता ने कहा- शोध को बढ़ावा देना होगा लक्ष्य
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एक साल बाद एम्स को मिला स्थाई कार्यकारी निदेशक, रविवार को समाप्त होगा डॉ. अजय सिंह का कार्यकाल
गोरखपुर। एम्स में एक साल बाद स्थाई कार्यकारी निदेशक (ईडी) के रूप में डॉ. विभा दत्ता को नियुक्ति मिली है। मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. दत्ता ने 35 वर्षों तक सेना में अपनी सेवा दी हैं। यह एम्स की दूसरी स्थाई निदेशक हैं। वर्तमान ईडी डॉ. अजय सिंह का कार्यकाल रविवार को समाप्त हो रहा है। इसके बाद डा. विभा दत्ता उनका स्थान लेंगी।

डॉ. विभा दत्ता का चिकित्सा क्षेत्र में लंबा और समृद्ध अनुभव रहा है। इनके पति मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. अजय दत्ता भी सेना के मेडिकल कोर का हिस्सा रहे हैं। डॉ. दत्ता ने 1976 में कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज दिल्ली से चिकित्सा विज्ञान में स्नातक और सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज, पुणे से पैथोलॉजी में एमडी की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने एम्स दिल्ली से डॉक्टरेट और टाटा मेमोरियल अस्पताल मुंबई से कैंसर पैथोलॉजी का प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने बर्मिंघम, यूके के क्वीन एलिजाबेथ अस्पताल से लिवर ट्रांसप्लांट पैथोलॉजी में भी विशेषज्ञता हासिल की। अपने 35 वर्षों के सैन्य करियर में डॉ. दत्ता ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं हैं। वह एएफएमसी पुणे और आर्मी हॉस्पिटल नई दिल्ली में पैथोलॉजी विभाग की प्रमुख रह चुकीं हैं। साथ ही कमांड हॉस्पिटल लखनऊ की कमांडेंट के रूप में 2016 से 2018 तक कार्यरत रहीं। उनके नाम पर 100 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ. दत्ता ने 2018 में एम्स नागपुर का कार्यभार संभाला था। उस समय वहां निर्माण कार्य जारी थे। उन्होंने गर्ल्स हॉस्टल के एक कमरे में रहते हुए पूरे निर्माण कार्य की निगरानी की और मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण बदलाव किए।
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एम्स में बढ़ेगी सुविधाएं, खोले जाएंगे सभी सुपर स्पेशियलिटी विभाग
शनिवार को टेलीफोनिक बातचीत में डॉ. दत्ता ने एम्स गोरखपुर में चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने की अपनी योजना साझा की। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की कमी दूर करने और सुपर स्पेशियलिटी के सभी विभाग खोलने पर जोर दिया जाएगा। इससे मरीजों को उच्च गुणवत्ता युक्त उपचार मिलेगा और उन्हें अन्य जगह रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डॉ. दत्ता ने कहा कि एम्स गोरखपुर में ट्रामा इमरजेंसी, ओपीडी और आईपीडी सुविधाओं को बनाया जाएगा। साथ ही छात्रों के हॉस्टल और मेस को सुविधा-संपन्न बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने शोध कार्यों को बढ़ावा देने पर भी बल दिया।
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सुरेखा किशोर के बाद दूसरी महिला ईडी बनेंगी डॉ. दत्ता
एम्स में पहली कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर को 2 जनवरी 2024 को विजिलेंस जांच के बाद पद से हटाया गया था। उसके बाद पटना एम्स के ईडी डा. गोपाल कृष्ण पाल को जिम्मेदारी दी गई थी। कुछ दिनों बाद बेटे के प्रमाण पत्र संबंधित विवाद के कारण उन्हें भी पद से हटा दिया गया। उसके बाद भोपाल एम्स के ईडी डा. अजय सिंह को अस्थाई ईडी बनाया गया था। इनका कार्यकाल रविवार को समाप्त हो रहा है।
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