वार्ड नंबर 16 दिग्विजयनगर में 10 माह पहले उखाड़ी गई थी सड़क
गोरखपुर। वार्ड 16 दिग्विजयनगर में सीसी रोड को रातोंरात उखाड़कर मलबा हटाने के मामले में 10 माह बाद शासन ने सहायक अभियंता (एई) शैलेश कुमार के खिलाफ विभागीय जांच अपर आयुक्त को सौंपी है। वहीं, अधिशासी अभियंता अमरनाथ से स्पष्टीकरण मांगा है। अवर अभियंता राजकुमार और विवेकानंद पर भी जल्द कार्रवाई के आसार हैं।
नगर निगम के तत्कालीन मुख्य अभियंता संजय चौहान की जांच में पाया गया कि राजकुमार ने सड़क निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया। विवेकानंद, शैलेश कुमार और अमरनाथ की देखरेख में पास कर निर्माण हुआ। 24 दिसंबर 2022 को विनोद शाह के मकान से बलवंत के मकान तक 120 मीटर सीसी सड़क का ठेका मेसर्स जितेंद्र सिंह को मिला। पार्षद ऋषि मोहन वर्मा ने समय पर काम न होने का मुद्दा उठाया, जिसके बाद ठेकेदार फर्म ब्लैक लिस्ट हुई। फिर भी फरवरी 2024 में ठेकेदार ने 13 लाख रुपये की लागत से सड़क बनाई।
इसी सड़क को मिलाते हुए वार्ड 74 संत झूलेलाल नगर में त्वरित योजना के तहत सितंबर 2024 में मेसर्स अंबुजा कंस्ट्रक्शन को नया ठेका दिया गया। आरोप है कि 16 अक्तूबर 2024 की रात अंबुजा कंस्ट्रक्शन के प्रोप्राइटर प्रवीण कुमार उपाध्याय ने बिना सूचना के आठ माह पुरानी सड़क उखाड़कर मलबा हटा लिया। इसकी शिकायत पार्षद ऋषि मोहन वर्मा ने की। अमरनाथ ने प्रवीण के खिलाफ गोरखनाथ थाने में लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया, जांच सब इंस्पेक्टर अनुराग सिंह कर रहे हैं।
कोट
शासन ने अधिशासी अभियंता अमरनाथ से स्पष्टीकरण मांगा है। सहायक अभियंता शैलेश कुमार के खिलाफ जांच अपर आयुक्त मंडल को सौंपी गई है। अवर अभियंताओं पर जल्द कार्रवाई होगी।
- गौरव सिंह सोगरवाल, नगर आयुक्त