आरोपों से घिरे एम्स के कार्यकारी निदेशक (ईडी) प्रो. गोपाल कृष्ण पाल का कार्यकाल एक महीने और बढ़ाया जा सकता है। वजह यह कि अभी नए कार्यकारी निदेशक का चयन नहीं हो पाया है। हालांकि, इसके लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। माना जा रहा है कि नए ईडी के चयन होने तक इनके पास ही कार्यभार रह सकता है। वहीं, डॉ. विवेक मिश्रा को एनाटॉमी का विभागाध्यक्ष बनाया गया है। यह पद डॉ. कुमार सतीश रवि की बर्खास्तगी के बाद खाली हुआ है।
इस साल दो जनवरी को कार्यकारी निदेशक पद से हटाई गईं डॉ. सुरेखा किशोर की जगह एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक डॉ. गोपाल कृष्ण पाल को छह माह के लिए अतिरिक्त कार्यभार दिया गया था। इस बीच कार्यकारी निदेशक के चयन की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन लोकसभा चुनाव के चलते प्रक्रिया रुक गई। जुलाई में कार्यकाल फिर दो माह के लिए बढ़ा दिया गया था। अब यह समय भी दो अक्तूबर को पूरा हो जा रहा है। इस बीच नए निदेशक के चयन के लिए साक्षात्कर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन उपयुक्त व्यक्ति का चयन और स्वास्थ्य मंत्री की मंजूरी समेत कई और औपचारिकताएं पूरी होने में करीब एक माह का समय लग सकता है। इसलिए यह माना जा रहा है कि कार्यकाल को एक माह और बढ़ाया जा सकता है। इन सबके बीच एनाटामी विभाग के रिक्त विभागाध्यक्ष पद पर वरिष्ठ प्रो. विवेक मिश्र की तैनाती का आदेश जारी हो गया है। इससे पहले इस पद पर डॉ. कुमार सतीश रवि तैनात थे, जिन्हें बर्खास्त किया गया है। एक दिन पहले ही डॉ. कुमार सतीश रवि को ईमेल भेजकर चार्ज हैंडओवर करने को कहा गया था। डॉ. सतीश रवि इस मामले को लेकर कोर्ट जाने की तैयारी में हैं।
गोरखपुर के अलावा पटना भी जा सकती है जांच टीम
कार्यकारी निदेशक के बेटे डा. औरव प्रकाश पाल के अन्य पिछड़ा वर्ग नान क्रीमीलेयर प्रमाण पत्र की जांच के लिए गठित केंद्रीय जांच समिति गोरखपुर एम्स के अलावा पटना भी जा सकती है। चर्चा है कि टीम पटना जाकर वहां जिला प्रशासन से प्रमाण पत्र के संबंध में जानकारी लेगी। इसके बाद वह गोरखपुर आकर यहां इससे संबंधित तथ्यों की पड़ताल करेगी। एम्स सूत्रों का कहना है कि यहां से पहले ही प्रमाण पत्र व इससे संबंधित सभी जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय को दी जा चुकी है। इसके अलावा विजिलेंस की ओर से मांगी गई जानकारी भी ईमेल के जरिए भेजी जा चुकी है। प्रवेश से जुड़े सभी दस्तावेज की मूल कापी भी भेजी गई है।
एनएमसी में होगी डॉ. कुमार सतीश रवि की शिकायत
एम्स प्रशासन ने डा. कुमार सतीश रवि के खिलाफ नेशनल मेडिकल कौंसिल में शिकायत करने का निर्णय लिया है। एम्स प्रशासन का मानना है कि इस प्रकरण में डॉ. कुमार सतीश रवि अपना पक्ष मजबूत करने के लिए गुटबाजी करा रहे हैं, जिससे एम्स में माहौल खराब हो रहा है। इसलिए पूरे प्रकरण व जांच रिपोर्ट के साथ एनएमसी में शिकायत होगी।