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Gorakhpur News: कोर्ट आदेश के बाद भी नहीं मिला पूरा पैसा, बैंक प्रबंधक पर केस दर्ज

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साइबर ठगी के शिकार पीड़ित ने लगाया 12.78 लाख रुपये हड़पने का आरोप
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गोरखपुर। साइबर फ्रॉड का शिकार हुए एक युवक को कोर्ट के आदेश के बावजूद उसकी पूरी रकम नहीं मिली। पीड़ित ने आरबीएल बैंक के शाखा प्रबंधक और कर्मचारियों पर 12.78 लाख रुपये हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
झंगहा थाना क्षेत्र के अमहिया निवासी संदीप कुमार ने ने बताया कि वह वर्ष 2024 में साइबर फ्रॉड के शिकार हुए थे। मामले में गोरखपुर साइबर थाने में केस पंजीकृत हुआ। जांच के दौरान पुलिस ने आरबीएल बैंक खातों में जमा करीब 27.49 लाख रुपये फ्रीज कराए। इसके बाद संदीप ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अप्रैल 2024 में सीजेएम न्यायालय ने पुलिस रिपोर्ट और बैंक दस्तावेजों के आधार पर संदीप के पक्ष में आदेश जारी कर पूरी राशि रिलीज करने का निर्देश दिया। पीड़ित का आरोप है कि बैंक ने केवल 14.70 लाख रुपये ही दिए और शेष 12.78 लाख रुपये रोक लिए।
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संदीप का कहना है कि बार-बार पत्राचार और कोर्ट आदेश दिखाने के बावजूद बैंक प्रबंधक कमलेश चौरसिया और अन्य कर्मचारी टालमटोल करते रहे। आरोप है कि बैंक के उपाध्यक्ष स्तर के अधिकारी योगेश नरसुले ने उन्हें फोन पर केस की पैरवी न करने की धमकी दी। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि 22 जुलाई 2025 को जब वह दीवानी कचहरी पहुंचे तो शाखा प्रबंधक ने खुलेआम धमकाया और कहा, कि तुम्हें पैसा नहीं मिलेगा, ज्यादा पैरवी करोगे तो हत्या कर दूंगा।
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संदीप ने इस बाबत आठ अगस्त को एसएसपी गोरखपुर को तहरीर भी दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। संदीप का कहना है कि वह कर्जदार है और इस रकम की उसे बेहद जरूरत है। बैंक अधिकारियों की धमकियों से वह भयभीत है। उसने न्यायालय से गुहार लगाई है कि संबंधित बैंक अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और पूरी धनराशि वापस दिलाई जाए। कोतवाली थानाप्रभारी छत्रपाल सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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