जलनिगम, सेतु निगम और लोनिवि के काम में मिली कमी, विभागों को भेजा पत्र
जलभराव होने पर ये ही विभाग होंगे जिम्मेदार
गोरखपुर। नगर आयुक्त की सख्ती के बाद निगम के अभियंताओं ने जलभराव और निर्माण वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगह नाले आपस में जुड़े नहीं मिले। इस पर नगर निगम ने लोनिवि, जलनिगम और सेतु निगम को पत्र भेजकर आवश्यक इंतजाम करने को कहा है। साथ ही इन क्षेत्रों में जलभराव होने पर जिम्मेदारी इन विभागों की ही होगी।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बुधवार को निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा और वर्षा ऋतु की तैयारियों को लेकर बैठक की थी। उन्होंने अभियंताओं को जलभराव वाले क्षेत्रों का चयन करने और पंपों को तैयार रखने के निर्देश दिए थे। साथ ही जलभराव होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। बृहस्पतिवार को निगम के अभियंताओं ने अलग-अलग क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एल्युमिनियम फैक्ट्री रोड पर निर्माणाधीन नाले, एचएनसिंह चौराहे और खजांची चौराहे पर निर्माणाधीन नाले पर 75एचपी के दो पंप लगाने को लोनिवि (लोक निर्माण विभाग) से कहा।
जल निगम और सेतु निगम को पानी निकासी के लिए रामजानकीनगर और राप्तीनगर रेल बिहार फेज दो में पानी निकासी के लिए पंप लगाने के लिए कहा। नगर निगम के अधिशासी अभियंता अमरनाथ ने बताया कि तीनों विभागों को पत्र भेजकर अधूरे नालों पर जल निकासी के लिए पंप लगाने के लिए कहा है। विभागों से कहा गया है कि निर्माणाधीन नालों के कारण जलभराव होता है तो जिम्मेदारी इन्हीं विभाग की होगी।