कैंट थाना क्षेत्र का मामला, बैग वापस पाकर भावुक हुए यात्री
गोरखपुर। नेपाल के अन्नपूर्णा पर्वत पर ट्रैकिंग का रोमांचक सफर खत्म कर लौट रहे महाराष्ट्र के सेवानिवृत्त सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनायक मधुकर के गोरखपुर पहुंचते कीमती बैग बस में छूट गया। इसमें पासपोर्ट, आधार कार्ड, दवाइयां, 15 हजार नेपाली और आठ हजार भारतीय रुपये और यात्रा के टिकट तक थे। सूचना मिलने के छह घंटे के अंदर पुलिस ने बैग वापस लौटा दिया। बैग वापस पाकर यात्री भावुक हो गए।
जानकारी के अनुसार, पुणे निवासी विनायक मधुकर अपने साथियों संग ट्रैकिंग प्रतियोगिता के लिए अन्नपूर्णा पर्वत शृंखला गए थे। नौ अक्तूबर की रात वे काठमांडो से गोरखपुर के लिए रवाना हुए। सोनौली बॉर्डर पार करने के बाद उन्होंने दूसरी बस ली और गोरखपुर स्टेशन के पास एक होटल पहुंचे। उन्हें अहसास हुआ कि बैग बस में ही रह गया है। घबराए मधुकर ने तुरंत रेलवे पुलिस चौकी में जाकर चौकी प्रभारी सुधांशु सिंह को घटना की जानकारी दी। पुलिस टीम ने बिना देर किए 20 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संबंधित बस की पहचान कर ली।
संपर्क करने पर चालक और परिचालक ने बैग को पुलिस चौकी पर लाकर सौंप दिया। सिर्फ छह घंटे में पूरा सामान सुरक्षित लौट मिलने पर विनायक मधुकर भावुक हो गए। उन्होंने कहा के गोरखपुर पुलिस ने जो ईमानदारी और तत्परता दिखाई, उसे मैं कभी नहीं भुलूंगा।