गोला बाजार के समूह लोन प्रकरण का पुलिस ने शनिवार को पर्दाफाश कर दिया। तीन फील्ड अफसरों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, लोन सेटलमेंट के नाम पर करीब 8.85 (8 लाख 85 हजार 919) लाख रुपये का गबन तत्कालीन प्रबंधक और कर्मचारियों ने किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में दो गोरखपुर, दो देवरिया और एक कुशीनगर का रहने वाला है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर धोखाधड़ी कर रकम का गबन किया गया है। वहीं मामले में 10 अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
शनिवार को पुलिस लाइंस में एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने प्रकरण का पर्दाफाश करते हुए बताया कि भारत फाइनेंसियल इन्क्लूजन लिमिटेड इंडसंड बैंक (माइक्रो फाइनेंस कंपनी) की शाखा में समूह लोन प्रकरण का सरगना तत्कालीन शाखा मैनेजर बृजेश कुमार है। उसके विरुद्ध 28 अक्तूबर 2023 को गबन और धोखाधड़ी के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया गया था।
उन्होंने बताया कि इस संस्था का प्रमुख कार्य ग्रामीण एवं अर्द्ध शहरी क्षेत्रों में महिलाओं का समूह बनाकर स्वरोजगार एवं आय सृजन के लिए ऋण उपलब्ध कराना है। इसमें आसान ई-केवाईसी के माध्यम से समूह के सदस्यों को बैंक अकाउंट में लोन देने एवं साप्ताहिक आसान किस्तों में संग्रह की प्रक्रिया है।
बताया कि तत्कालीन प्रबंधक बृजेश कुमार ने अपने सहयोगी आरोपी कर्मचारियों के साथ मिलकर ऋण व बीमा धारकों को फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से मृत दिखाकर धोखाधड़ी की थी। उसने सिविल स्कोर चेक करने और खाते का बैलेंस चेक करने के नाम पर कई का लोन का पेमेंट भी करा लिया था।
आरोप है कि तत्कालीन प्रबंधक ने 11 सेंटर के 19 सदस्यों से कुल 8 लाख 85 हजार 919 रुपये का गबन किया है। एसएसपी ने बताया कि केस दर्ज होने के बाद जांच शुरू हुई तो तीन तत्कालीन फील्ड अफसर, बीसीएम (बिजनेस कॉन्टिनुइटी मैनेजमेंट) समेत पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए।
पांचों से पूछताछ की गई तो सभी ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक बृजेश कुमार को प्रकरण का मास्टरमाइंड बताते हुए अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उन्होंने बताया कि पकड़े गए लोगों को जेल भिजवाते हुए प्रकरण में तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत समेत 10 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम जुट गई है। इससे पहले पति का फर्जी मृत प्रमाणपत्र जमा करने के आरोप में लोन लेने वाली चार महिलाओं को जेल भिजवाया जा चुका है।
इन्हें गिरफ्तार कर पुलिस ने भिजवाया जेल
गोरखपुर के शाहपुर थाने के पश्चिमी बशारतपुर निवासी तत्कालीन फील्ड अफसर आशुतोष दुबे उर्फ चंचल दुबे, झंगहा थाने के मुंडेरा ठकुराई निवासी तत्कालीन फील्ड अफसर वारिश अंसारी, कुशीनगर जिले के सुगही तिवारी निवासी तत्कालीन बीसीएम अभय तिवारी व देवरिया जिले के खुखुंदू के करौंदी परसिया गांव निवासी तत्कालीन बीसीएम संजय गिरि व भलुअनी थाने के सुंडीहा गांव निवासी तत्कालीन फील्ड अफसर जय कुमार को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भिजवाया है।
इन आरोपियों की तलाश में पुलिस दे रही दबिश
लोन प्रकरण का मास्टरमाइंड व सरगना मैनेजर (पूर्व शाखा प्रबंधक) आजमगढ़ के बिलरयागंज थाने के कटुई निवासी बृजेश कुमार पुलिस की पकड़ से अभी दूर है। प्रकरण में उसके साथ गबन के आरोपी गोरखपुर के आमतौरा निवासी फील्ड अफसर कृष्ण गोपाल सिंह, सहजनवां के डोमहर माफी निवासी संगम गोंड व डुमरी निवासी गौतम कुमार श्रीवास्तव, महाराजगंज जिले के चंदौली तहसील निवासी बीसीएम अरुण कुमार व बीसीएम कृष्ण कुमार शर्मा की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
इसी तरह लोन माफ कराने के लिए पति का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जमा करने वाली गोला बाजार के वार्ड नंबर 21 मछली हट्टा मोहल्ला निवासी मालती, रोजी, गोला बाजार निवासी रेखा, शबनम खातून की भी पुलिस तलाश कर रही है।