तीसरी लाइन निर्माण के साथ ही छपरा-लखनऊ के बीच सभी स्टेशनों पर लगेगा सिस्टम
कंप्यूटर पर माउस से ही रेलवे स्टेशन यार्ड के सिग्नल और पॉइंट बनेंगे, समय की होगी बचत
गोरखपुर। अब पूर्वोत्तर रेलवे के सभी बड़े रेलवे स्टेशनों के यार्ड में ट्रेन आने के पहले रेलकर्मियाें को सिग्नल और प्वाइंट नहीं बनाना पड़ेगा। स्टेशन मास्टर और कंट्रोलर पैनल कंप्यूटर पर माउस से ही यह काम कर देंगे। इसके लिए रेलवे स्टेशनों के यार्ड के पास इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाया जाएगा। छपरा-गोरखपुर-लखनऊ रूट पर तीसरी लाइन के साथ ही सभी स्टेशनों पर इसे लगाने का निर्णय लिया है।
पूर्वोत्तर रेलवे में अब तक 114 रेलवे स्टेशनों पर इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग लगाया जा चुका है। अब तय हुआ है कि जहां भी तीसरी लाइन बनेगी, रास्ते में पड़ने वाले सभी स्टेशनों पर इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग का काम कराया जाएगा। पहले चरण में छपरा-लखनऊ के बीच गोरखपुर-बस्ती मंडल में सलेमपुर, भटनी, देवरिया, बैतालपुर, गौरी बाजार, सरदारनगर, चौरीचौरा, मगहर, सहजनवां, खलीलाबाद, बस्ती स्टेशनों पर इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग लगाने का काम शुरू होगा।
गोरखपुर जंक्शन, गोरखपुर कैंट और डोमिनगढ़ स्टेशन पर यह सुविधा शुरू हो गई है। इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग सिस्टम लग जाने से स्टेशन मास्टर और कंट्रोलर पैनल की जगह हाईटेक एलईडी स्क्रीन पर यार्ड प्लान और एक क्लिक से ट्रेनों का रूट बना सकेंगे। इसके लगने से सिग्नल और पॉइंट फेल होने की समस्या तो समाप्त होगी ही, अधिक से अधिक ट्रेनें भी चलाई जा सकेंगी। गाड़ियों का परिचालन भी तेज होगा।
वर्जन
पूर्वोत्तर रेलवे पर स्टेशनों की डिजिटल इंटरलॉकिंग का कार्य काफी तेजी से हो रहा है। अभी तक 114 रेलवे स्टेशनों पर इलेक्ट्रानिक का कार्य पूरा कर कमीशन कर दिया गया है। इस कार्य के होने से स्टेशन यार्डों में ट्रेनों का संचालन सुगम होने के साथ संरक्षा भी बढ़ी है।
-पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ-एनईआर