ओएचई लाइन की क्षमता 25 केवी से बढ़ाकर 50 केवी की जाएगी, पॉवर हाउस की क्षमता भी बढ़ेगी
क्षमता बढ़ने पर वंदेभारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनों का संचालन होगा आसान
गोरखपुर। गोरखपुर कैंट से बाराबंकी के बाद अब गोरखपुर कैंट से छपरा और वाराणसी-प्रयागराज रूट पर भी ओवरहेड विद्युत (ओएचई) लाइन की क्षमता बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है। इस रूट पर एक और ग्रिड लाइन बढ़ाई जाएगी। एक और केबल वायर लगाने के साथ ही पॉवर हाउस की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। ओवरहेड विद्युत (ओएचई) लाइन की क्षमता बढ़ने से 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ सकेंगी।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर से होकर गुजरने वाले गोरखपुर कैंट-बाराबंकी रूट पर पायलट प्राेजेक्ट के तहत क्षमता बढ़ाने की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। इस पर तेजी से काम भी चल रहा है। इस रूट पर रोजाना 170 से अधिक ट्रेनें चल रही हैं। वहीं, गोरखपुर कैंट से छपरा और वाराणसी-प्रयागराज रूट पर दूसरे चरण में ओवरहेड विद्युत (ओएचई) लाइन की क्षमता बढ़ाई जा रही है। इस रूट पर केबल बिछाने का काम शुरू कराया गया है।
छपरा-वाराणसी-प्रयागराज रूट पर भी ट्रेनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इससे बिजली की खपत भी बढ़ रही है। भविष्य में सभी रूटों पर अमृत भारत और वंदेभारत श्रेणी की ट्रेनें चलाई जाएंगी। अमृत भारत में दो-दो इंजन लगते हैं। एक इंजन ट्रेन को आगे खींचता है तो पीछे से दूसरा धक्का देता है। इससे ट्रेनों की गति बढ़ जाती है।