नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को लेकर गोरखपुर में हुई राज्य स्तरीय संयुक्त समन्वय समिति की बैठक
नार्को कार्टेल्स पर कठोर कार्रवाई के लिए नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों की जब्ती पर जोर
गोरखपुर। नशे के पदार्थों की तस्करी और नियंत्रण को लेकर शुक्रवार को गोरखपुर पुलिस लाइंस में राज्य स्तरीय संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) की बैठक हुई। बैठक में नशे के पदार्थों से जुड़ी वर्तमान कार्रवाइयों की समीक्षा के साथ भविष्य की साझा रणनीति पर चर्चा की गई।
इसमें अंतरराष्ट्रीय सीमाओं, रेल और सड़क मार्गों पर सघन चेकिंग एवं निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि नार्को कार्टेल्स पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने के साथ वित्तीय जांच की गति तेज की जाएगी।
नशे के पदार्थों की सप्लाई में कोरियर और पार्सल नेटवर्क की भूमिका को देखते हुए इसकी निगरानी और कड़ी की जाएगी। एनडीपीएस मामलों में त्वरित कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ जन जागरूकता अभियानों को और प्रभावी बनाने पर भी बल दिया गया। बैठक में एमएएनएएस हेल्पलाइन 1933 के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया ताकि आम नागरिक नशे से संबंधित जानकारी गोपनीय रूप से साझा कर सकें।
बैठक के समापन पर सभी एजेंसियों ने वर्ष 2047 तक भारत को नशा मुक्त राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने के लिए समन्वित और सतर्क कार्रवाई जारी रखने का संकल्प लिया। इस राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने गोरखपुर पुलिस के सहयोग से किया।
कार्यक्रम में अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन मुख्य अतिथि रहे, जबकि उप महानिदेशक (उत्तरी क्षेत्र) आनंद प्रकाश तिवारी, एनसीबी नई दिल्ली ने बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर डीआईजी शिव चिनप्पा, एसएसपी राजकरण नायर, एनसीबी लखनऊ के क्षेत्रीय निदेशक शैलेंद्र मिश्रा, एसएसबी कमांडेंट पराग सरकार, आरपीएफ एएससी (क्राइम) सुनील कुमार गुप्ता और एफएसडीए के सहायक आयुक्त पूरन चंद्र सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
वर्चुअल माध्यम से डीआईजी चंपारण (बिहार), एसपी बेतिया, एनसीबी पटना के क्षेत्रीय निदेशक, अपर निदेशक कस्टम लखनऊ, अतिरिक्त निदेशक (निवेश) सीबीडीटी लखनऊ, एसपी एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स लखनऊ और एएसपी एनआईए लखनऊ सहित कई अधिकारी जुड़े।