गोरखपुर। पिपराइच के हरखापुर गांव के लोगों ने अगर संवेदना दिखाई होती तो तो शायद एक पिता अपने नशेड़ी बेटे के हाथों अपनी जान न गंवाता। घर के सामने नशेड़ी बेटा पिता से लड़ता रहा और लोग अपने घर की छतों से तमाशा देखते रहे और वीडियो बनाते रहे। बेटे से बचने के लिए पिता ने अपने स्तर पर बहुत कोशिश की, लेकिन नशे में चूर बेटा पिता की ईंट से कूंचकर हत्या करने के बाद ही शांत हुआ। बुजुर्ग की जान जाने के बाद लोग छत से उतरे। तब उन्हें पछतावा हुआ कि अगर आगे बढ़कर किसी ने झगड़ा छुड़ा दिया होता तो शायद यह दर्दनाक वारदात न होती।
हरखापुर गांव के सत्यप्रकाश तिवारी और उनके बेटे कन्हैया के झगड़े का तीन मिनट का वीडियो बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया देने लगे। एक उपयोगकर्ता ने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक गांव ही बचा था, जहां सुख-दुख में लोग एक साथ खड़े होते थे, अब वहां भी संवदेना खत्म हो रही है। इसी तरह कई लोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया इस घटना की वीडियो देखकर दी है।
उधर, बृहस्पतिवार को हरखापुर गांव में सत्यप्रकाश तिवारी के घर पर सन्नाटा पसरा था। बगल में रहने वाले पटीदार और ग्रामीणों का कहना था कि सत्यप्रकाश और उनके बेटे कन्हैया में रोज झगड़ा होता था। कन्हैया सुबह से ही पीने लगता है। वह सूखा नशा भी करता है। इसलिए उससे सभी लोग बात करने से कतराते हैं, जबकि सत्यप्रकाश अपना अधिक समय मोटेश्वर मंंदिर और इधर-उधर घूमकर बिता देते थे। कई-कई दिन कन्हैया घर ही नहीं आता था। जब भी आता था तब पिता से कहासुनी जरूर होती थी। हम लोगों को लगा कि रोज की आज भी झगड़कर शांत हो जाएंगे, लेकिन थोड़ी ही देर में कन्हैया इतना उग्र हो गया कि उसने पिता को मार ही दिया। इन हालात की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। गांव के लोगों को अब पछतावा हो रहा है कि काश किसी ने झगड़ा छुड़ाने की पहल कर दी होती। इस घटना के बारे में पूछने पर जवाब देने से भी ग्रामीण कतरा रहे थे।
वहीं गांव की महिलाएं सत्यप्रकाश के घर के बाहर चर्चा कर रही थीं कि दिन के समय कन्हैया से कोई भी काम बोलो तो वो झट से कर देता था। शादी विवाह कार्यक्रम में भी वह मदद करता था। बृहस्पतिवार को शादी की बात को लेकर वह पिता से झगड़ रहा था। वहीं पटीदार भले ही सत्यप्रकाश से मतलब नहीं रखते थे, लेकिन उनकी मौत के बाद अंतिम संस्कार होने तक उनके घरों में चूल्हा नहीं जला, घर की औरतें भी परंपरा का निर्वहन करने में लगी रहीं।
एक लड़की ने दिखाई हिम्मत किया पुलिस को फोन
बताया जा रहा है कि बुधवार रात कन्हैया नशे की हालत में शाम करीब सात बजे घर पहुंचा था। घर पहुंचते ही पिता को उलटा-सीधा बोलने लगा। तब सत्यप्रकाश ने उसे शांत कराने के लिए डंडे से मारा। इसके बाद वह नाराज होकर फंदा लगाने जा रहा था। तब सत्यप्रकाश ने उसे ऐसा करने से रोका। इसके बाद ईंट लेकर कन्हैया आया और पिता पर हमला कर दिया। यह सब देखकर गांव की एक लड़की ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस बुलाई थी। जब पुलिस की गाड़ी आई तब लहूलुहान हालत में सत्यप्रकाश तिवारी को छोड़कर कन्हैया भाग गया।
पटीदार पीछे हटे, सत्यप्रकाश के साले ने दर्ज कराया केस
सत्यप्रकाश के दो बड़े भाई भी बगल में ही रहते हैं। उन लोगों ने सत्यप्रकाश की हत्या के बाद इस मामले से पल्ला झाड़ लिया। कोई पुलिस को तहरीर देने आगे नहीं आया। तब सत्यप्रकाश के साले व आरोपी के मामा पिपराइच के नाहरपुर निवासी चंद्रभूषण मिश्रा ने तहरीर दी। तहरीर में लिखा कि कन्हैया शराबी व क्रूर व्यक्ति है, उसने मेरे बहनोई सत्यप्रकाश की ईंट से कूंचकर जघन्य तरीके से हत्या कर दी। कन्हैया पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की। पिपराइच पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर आरोपी कन्हैया तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेजवा दिया। वहीं पोस्टमार्टम के बाद गुलरिहा के बरगदही स्थित घाट पर सत्यप्रकाश के शव का अंतिम संस्कार किया गया।