फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: जिला पंचायत सदस्य पर जमीन कब्जाने का आरोप, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

विज्ञापन
प्रदर्शन करते पिपराइच क्षेत्र के उनौला दोयम के ग्रामीण।
विज्ञापन
पिपराइच क्षेत्र के ग्राम उनौला दोयम का मामला, आवास दिलाने के नाम ग्रामीणों से धनउगाही का भी आरोप
विज्ञापन


जिला पंचायत सदस्य ने विधायक पर लगाए गंभीर आरोप
विधायक ने कहा- आरोप साबित करें नहीं तो मानहानि का केस करुंगा
पिपराइच। क्षेत्र के ग्राम उनौला दोयम के ग्रामीणों ने गांव के पूर्व ग्राम प्रधान और जिला पंचायत सदस्य सुधा सिंह के विरुद्ध जमीन कब्जा करने, जमीन के पट्टे व आवास के दिलाने के नाम पर ग्रामीणों से लाखों रुपये की धनउगाही करने, किसानों के लिए आवंटित जमीन पर सेफ्रान सीटी बसाने आदि का गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने गांव में ही मंगलवार को प्रदर्शन कर प्रशासन से जांच कर कार्रवाई की मांग की है। उधर, गांव निवासी जिला पंचायत सदस्य सुधा सिंह का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने विधायक महेंद्र पाल सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। वायरल वीडियो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि अमर उजाला इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

ग्रामीण अनिरुद्ध सिंह, सुधीर सिंह, शैला देवी, सविता, इंद्रावती, धर्मेंद्र प्रसाद आदि ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य सुधा सिंह जब ग्राम की प्रधान थीं तब गांव के करीब दो सौ लोगों को आवास दिलाने, कृषि व आवास के लिए भूमि पट्टे पर देने आदि के नाम पर बीस हजार से एक एक लाख रुपये तक की वसूली की। आरोप है कि हक मांगने पर धमकी देती हैं। अब तक किसी का कोई काम भी नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पहले से जमीन करीब 188 लोगों को आवंटित हुई थी। कृषि के लिए पट्टे की करीब पांच एकड़ जमीन और ग्राम सभा की जमीन मिलाकर करीब 25 एकड़ जमीन पर दबंग साथियों के साथ कब्जा कर लिया हैं। अब उस जमीन पर अपने देवर को आगे कर सेफ्रान सिटी बसा रही हैं। इसके विरोध में जिला प्रशासन व शासन से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद ग्रामीण विधायक महेंद्र पाल सिंह से शिकायत की।
विज्ञापन

उन्होंने विभाग को पत्र लिखा तब सेफ्रान सिटी पर कार्रवाई शुरू हुई। सरकारी जमीनों को खाली कराया जा रहा है। अब गरीबों को न्याय की आस जगी है। ग्रामीणाें का आरोप है कि कार्रवाई से नाराज जिला पंचायत सदस्य ने विधायक को ही बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है। ग्रामीणों ने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाए। गरीबों को न्याय के साथ आवंटित पट्टे की जमीन वापस कराई जाए। इस बारे में जब सुधा सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल फोन बंद मिला।

कोट
जांच में केवल 15 पट्टे सही पाए गए थे। शेष पर वादी धनवंत सिंह की ओर से हाईकोर्ट में याचिका लंबित है। कृषि पट्टा सभी को आवंटित है। छुट्टा पशुओं के कारण कोई खेती नहीं करता है।
विज्ञापन

- धर्मेंद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य सुधा सिंह के प्रतिनिधि

जिला पंचायत सदस्य सुधा सिंह की ओर से जो भी आरोप लगाए गए हैं वे गलत हैं। भाजपा के कार्यकर्ताओं का यह चरित्र नहीं होता है। खनन का काम कौन करता है और कौन धनउगाही करता है। ये ग्रामीणों से अच्छा कौन जान सकता है। वे आरोप साबित करें नहीं तो सदन की कार्यवाही के बाद लखनऊ से वापस आने पर मानहानि का केस करुंगा।
- महेंद्र पाल सिंह, विधायक, पिपराइच
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें