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Gorakhpur News: देसी घी भी मिलावटी...शहर में माल खपा रही फैक्टरी पकड़ी

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गोरखपुर। त्योहारों पर देसी घी से बने सामान को लेकर भी सावधानी बरतें। देसी घी के नाम पर मिलावटी घी का धंधा भी जोरों पर है। मिठाई और बाकी कामों में इस्तेमाल होने वाले देसी घी की जगह धंधेबाज मिलावटी देसी घी शहर में कई जगह खपा रहे हैं। ऐसी शिकायत मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शनिवार सुबह शाहपुर इलाके के गायत्रीपुरम में चल रही एक अवैध फैक्टरी पर छापा मारा। गेट बंद कर अंदर तहखाने में चल रही फैक्टरी में केमिकल, वनस्पति घी और रिफाइंड ऑयल से तैयार किए गए मिलावटी देसी घी का खेल पकड़ा। करीब 40 लीटर मिलावटी घी और करीब पांच क्विंटल माल भी बरामद किया गया।
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यहां मिलावटी खोवा और पनीर बनाने का भी काम चल रहा था। पता लगा कि हर दिन एक पिकअप तैयार माल यहां से रोजाना बाजार में भेजा जा रहा है। दुकानदार इसी से देसी घी वाली मिठाई बना रहे हैं। दिवाली पर डिमांड पूरी करने के लिए अवैध फैक्टरी दिन-रात चल रही थी। इस फैक्टरी को सील करा दिया गया है।



सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) डॉ. सुधीर कुमार सिंह और मुख्य सुरक्षा अधिकारी हितेंद्र मोहन त्रिपाठी की अगुवाई में टीम नकली घी की फैक्टरी पकड़ने पहुंची। शाहपुर के गायत्रीपुरम कॉलोनी में श्रीकृष्ण डेयरी फार्म नाम से संचालित फर्म का गेट बंद था। कर्मचारी उसे खोलने से मना कर रहे थे। खाद्य सुरक्षा विभाग के कर्मचारी गेट फांदकर अंदर पहुंचे और ताला खुलवाया। यहां मकान के सामने वाले हिस्से में पनीर, खोवा और पेड़ा बनाए जा रहे थे। यहां मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि खोवा, पनीर और पेड़ा शहर की दुकानों पर सप्लाई होता है।
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खोवा और पनीर की गुणवत्ता संदिग्ध लगी तो उनका सैंपल लेने के साथ ही परिसर का निरीक्षण करने लगे। इस दौरान तहखाने की जानकारी मिली। कर्मचारियों ने उसका भी गेट बंद कर दिया था। गेट खुलवाकर अंदर जाने पर नकली देसी घी की फैक्ट्री चल रही थी। बताया गया कि फर्म के मालिक मेघन कुमार यादव पुत्र ईश्वर यादव हैं, लेकिन न तो वह मौजूद थे और न ही कर्मचारियों ने पंजीकरण से संबंधित कोई साक्ष्य दिया।



प्रथम दृष्टया वनस्पति घी में एसेंस ( देसी घी जैसी खुशबू लाने वाला केमिकल) मिलाने की आशंका हुई। यहां दो चूल्हे पर रखे थे, जिनमें करीब 40 लीटर मिलावटी घी तैयार किया जा रहा था। इसका नमूना लिया गया। फैक्टरी में लगभग 200 प्लास्टिक के ड्रम भी थे, जिसमें तैयार घी भरकर बाजार में भेजा जाता था। इसके अलावा बड़ी मात्रा में सस्ते रिफाइंड ऑयल, कुछ दूध के पैकेट, पाउडर आदि मिले। यहां जो देसी घी बन रहा थीा, उसमें हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल हो रहा था, जो स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक हैं।



सहायक आयुक्त खाद्य डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि नमूने संग्रहित कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। फैक्टरी के सामान जब्त करते हुए दफ्तर सील करा दिया गया है। फैक्टरी मालिक बताए गए मेघन कुमार यादव पुत्र ईश्वर यादव को उनके कर्मचारियों के माध्यम से नोटिस भेजते हुए तीन दिन के अंदर अपना पक्ष और पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
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