गोरखपुर। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलसचिव कार्यालय में बुधवार की रात धरना देने वाले प्रोफेसर जोन्नादा एवीपी राव को बृहस्पतिवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कुलपति के निर्देश पर कुलसचिव प्रो. शांतनु रस्तोगी ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब मांगा है। सकारात्मक जवाब नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रोफेसर जोन्नादा एवीपी राव को कारण बताओ नोटिस उनके मोबाइल के व्हाट्सएप, ईमेल, विभाग में भेजने के साथ पोस्ट से उनके पते पर भेजा है। नोटिस में लिखा गया है कि कुछ दिन पहले ही आपके द्वारा माफीनामा दिया गया था। इसके बाद आपका निलंबन बहाल करने के साथ आपकी मांगों को मान लिया गया। इसके कुछ दिन बाद फिर आपके ने ऐसा कृत्य किया। क्यों न आपके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आरोपी प्रोफेसर को नोटिस का जवाब दो दिन में देना होगा।
उधर, प्रो. जोन्नादा बृहस्पतिवार की सुबह 10 बजे अपने बॉयोटेक्नोलॉजी विभाग पहुंचे और बॉयोमेट्रिक हाजिरी लगाई। हाजिरी लगाने के बाद वह चले गए। दोपहर करीब डेढ़ बजे वह प्रशासनिक भवन स्थित कुलपति कार्यालय पहुंचे। जहां वह पहले कुलपति से मिलने का प्रयास किए। लेकिन, मुलाकात न होने पर अपना प्रार्थना पत्र उनके कार्यालय में रिसीव करा दिया।
यह है मामला
गोरखपुर विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के प्रोफेसर जोन्नादा एवीपी राव ने कुलपति पद के आवेदन करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन से एनओसी (नॉट ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) की मांग की थी। बुधवार की शाम को विश्वविद्यालय ने उनको एनओसी देने के साथ उसमें पूर्व में उनपर हुई कार्यवाही को भी अंकित किया। इस पर वह आक्रोशित हो उठे। वह क्लियर एनओसी की मांग को लेकर शाम करीब 7 बजे कुलसचिव कार्यालय में धरने पर बैठ गए। रात करीब 10 बजे कुलसचिव सीओ कैंट योगेंद्र सिंह व पुलिस बल के साथ पहुंचे। काफी समझाने के बाद भी नहीं मानने पर विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों की मदद से जबरन उनको प्रशासनिक भवन से बाहर निकाला गया।
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वर्जन....
प्रो. जोन्नादा एवीपी राव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। दो दिन में उनसे जवाब मांगा गया है। एक माह के अंदर ही उनके द्वारा दूसरी बार ऐसे कृत्य पर विश्वविद्यालय प्रशासन विचार कर रहा है।
-प्रो. शांतनु रस्तोगी, कुलसचिव, डीडीयू