कुलपति पद पर आवेदन के लिए क्लीयर एनओसी नहीं मिलने से नाराज डीडीयू के वरिष्ठ प्रोफेसर जोन्नादा एवीपी राव बुधवार रात करीब 8 बजे कुलसचिव कार्यालय में धरने पर बैठ गए। देर रात तक उनकी मनुहार होती रही, लेकिन वह कार्यालय में ही डटे रहे।
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प्रो जोनाडा को कुलसचिव कार्यालय से जबरन बाहर निकालते सुरक्षा गार्ड।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उनका कहना था कि जबतक उनको क्लीयर एनओसी नहीं मिलती उनका धरना जारी रहेगा। गोरखपुर विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के प्रोफेसर जोन्नादा एवीपी राव ने कुलपति पद पर आवेदन करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन से एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) की मांग की थी।
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प्रशासनिक भवन स्थित कुलसचिव कार्यालय से बाहर निकालने के बाद सुरक्षा गार्ड
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहले विश्वविद्यालय ने डिजिटल एनओसी देने की बात कही, लेकिन वह मैनुअली एनओसी की मांग कर रहे थे। विवि में दिन में राष्ट्रीय संगोष्ठी होने के चलते उनको एनओसी नहीं मिल पायी। रात करीब 7 बजे कुलसचिव कार्यालय से उनको एनओसी प्रदान की गई।
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प्रो जोनाडाकुलसचिव और सीओ कैंट से बहस करते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एनओसी देने के साथ उन पर पूर्व में हुई कार्रवाई का भी जिक्र था। इससे वह नाराज होकर कुलसचिव से मिलने पहुंचे।
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कुलसचिव कार्यालय में धरने पर बैठे प्रो जोनाडा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कुलसचिव ने एनओसी में पूरा विवरण नहीं देने पर विवि के फंसने की जानकारी दी, पर प्रोफेसर जोन्नादा चाहते हैं कि एनओसी में उन पर की गई कार्रवाई का जिक्र न हो।
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कुलसचिव कार्यालय में धरने पर बैठे प्रो जोनाडा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
काफी समझाने के बाद भी प्रोफेसर बात नहीं माने और कुलसचिव कार्यालय में ही धरने पर बैठ गए। उनके धरने पर बैठने की जानकारी होने पर कुछ शिक्षक उनको समझाने पहुंचे, लेकिन देर रात तक उनका धरना जारी रहा।
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प्रो जोनाडा को धकेल कर कार्यालय से बाहर ले जाते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कुलसचिव शांतनु रस्तोगी ने बताया कि एनओसी देने के साथ विश्वविद्यालय ने उनपर पूर्व में हुई कार्रवाई का जिक्र किया है। इससे नाराज होकर वह कार्यालय में बैठ गए। वह क्लीयर एनओसी की मांग कर रहे हैँ।
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प्रो जोनाडा को कक्ष से बाहर निकालते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बात कर उनको मनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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प्रो जोनाडाकुलसचिव और सीओ कैंट से बहस करते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वेतन कटने से नाराज होकर हंगामा करने पर हुए थे निलंबित
अगस्त का चार दिन का वेतन कटने से नाराज होकर प्रो. जोन्नादा एवीपी राव ने दो सितंबर को बायोटेक्नोलॉजी विभाग में हंगामा कर दिया था।
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बहस करते प्रो जोनाडा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पठन-पाठन बाधित करने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनको निलंबित कर दिया। हालांकि दो दिन में ही उनकी मांगों को पूरा करते हुए निलंबन वापस ले लिया गया। प्रोफसर की मांग के अनुसार उनको दूसरा आवास भी आवंटन कर दिया गया है।
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बहस करते प्रो जोनाडा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विभागाध्यक्ष भी रह चुके हैं प्रो. जोन्नादा
मूलत: आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तन के रहने वाले प्रो. जोन्नादा गोरखपुर विश्वविद्यालय में बायोटेक्नोलॉजी विभाग खुलने के साथ ही 16 दिसंबर 2000 से ही विश्वविद्यालय में तैनात हैं। वह वर्तमान में विभाग के सीनियर प्रोफेसर हैं।