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डीडीयू : अब इंजीनियरिंग, फार्मेसी और एग्रीकल्चर में भी पीएचडी

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अगले सत्र से इन कोर्स में पीएचडी के लिए तैयार हो रहा खाका
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अगले महीने विद्या परिषद की बैठक में प्रस्ताव को मिलेगी मंजूरी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से भी अब छात्र में इंजीनियरिंग, फार्मेसी या एग्रीकल्चर जैसे विषयों में पीएचडी कर सकेंगे। इसके लिए डीडीयू प्रशासन अपने शोध अध्यादेश में बड़े बदलाव की तैयारी करने जा रहा है। अगले महीने विद्या परिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
डीडीयू में पिछले सत्र में ही संविदा शिक्षकों को यह अधिकार दिए गए थे कि वे सह पर्यवेक्षक के रूप में शोध करा सकेंगे। इससे डीडीयू के साथ ही कॉलेजों में पढ़ा रहे कई शिक्षकों को बड़ी राहत मिली थी। डीडीयू में हाल के वर्षों में कई नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। इनमें कृषि, इंजीनियरिंग और फार्मेसी बेहद लोकप्रिय हैं। कृषि में पहले से ही परास्नातक की पढ़ाई होती है।
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इंजीनियरिंग और फार्मेसी में भी पीजी की पढ़ाई के लिए पिछले दिनों ही राजभवन ने मंजूरी दे दी थी। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की ओर से इंजीनियरिंग और फार्मेसी में नए कोर्स शुरू किए जाने की स्वीकृति के बाद डीडीयू प्रशासन ने नई पहल पर कोशिश शुरू कर दी है।
इन तीनों ही पाठ्यक्रमों में अगले सत्र से पीएचडी कोर्स शुरू किए जाने को लेकर खाका तैयार किया जा रहा है।

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छात्रों को होगा बड़ा फायदा
इन तीनों ही कोर्स में पीएचडी से यहां के छात्रों को बड़ा लाभ होगा। कृषि में सिर्फ दो कॉलेजों में चुनिंदा सीटों पर ही पीएचडी हो पाती है। इंजीनियरिंग में पीएचडी गोरखपुर में एमएमएमयूटी में उपलब्ध है, लेकिन फार्मेसी में आसपास के क्षेत्र में कहीं नहीं है। डीडीयू में भी कृषि व फार्मेसी में पीएचडी शुरू होने से यहां के छात्रों को सैकड़ों किमी दूर नहीं जाना पड़ेगा।
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कोट
इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चर और फार्मेसी में पीएचडी के लिए योजना बनाई जा रही है। अगले महीने विद्या परिषद की बैठक प्रस्तावित है। विद्या परिषद की बैठक में इसे रखा जाएगा। - प्रो. पूनम टंडन, कुलपति
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