फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीडीयू: 10 से कम आवेदन वाले पाठ्यक्रम नहीं होंगे संचालित

विज्ञापन
विज्ञापन
डीडीयू में रिक्त सीटों पर मिलेगा दोबारा आवेदन का अवसर, प्रवेश समिति की बैठक में हुआ निर्णय
विज्ञापन

गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की प्रवेश समिति ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए स्पष्ट किया कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2025-26 में ऐसे किसी भी पाठ्यक्रम का संचालन नहीं किया जाएगा, जिसमें 10 से कम अभ्यर्थियों ने प्रवेश लिया हो। यह निर्णय कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल की ओर से जारी उस निर्देश के अनुपालन में लिया गया है, जिसमें कम आवेदन वाले पाठ्यक्रमों को अस्थायी रूप से स्थगित रखने की बात कही गई थी।

कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में आयोजित समिति की बैठक में यह भी तय हुआ कि जिन छात्रों ने ऐसे पाठ्यक्रमों में आवेदन किया है, उन्हें दूसरे पाठ्यक्रमों में आवेदन का विकल्प दिया जाएगा, बशर्ते वे उनकी शैक्षणिक अर्हता पर खरे उतरते हों और संबंधित पाठ्यक्रमों में सीटें रिक्त हों। समिति ने एक अन्य अहम निर्णय लेते हुए स्पष्ट किया कि स्ववित्तपोषित कार्यक्रमों में यदि 50 प्रतिशत से कम सीटें भरती हैं, तो उनका संचालन भी इस सत्र में स्थगित रहेगा। इसके अलावा कुछ विभागों द्वारा स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों की सीट संख्या में वृद्धि या कमी के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए थे, जिन पर समिति ने निर्णय लिया कि पुन: परीक्षण के बाद ही अंतिम स्वीकृति दी जाएगी।
विज्ञापन

-

लेटरल एंट्री और विज्ञान संकाय के प्रस्तावों को मिली मंजूरी

बैठक में बीटेक और बीफार्म पाठ्यक्रमों में लेटरल एंट्री के लिए प्राप्त आवेदनों पर मेरिट के आधार पर प्रवेश देने का निर्णय भी लिया गया। साथ ही, विज्ञान संकाय में स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत वनस्पति विज्ञान, प्राणीविज्ञान तथा मनोविज्ञान संयुक्त कोर्स की 60 सीटों पर प्रवेश की मंजूरी प्रदान की गई।
विज्ञापन


-

कोट
कुलाधिपति के निर्देशों के अनुरूप दस से कम प्रवेश संख्या वाले पाठ्यक्रम का संचालन स्थगित रहेगा। इन पाठ्यक्रमों के आवेदकों को किसी अन्य पाठ्यक्रम में आवेदन का मौका दिया जाएगा।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें