ऑनलाइन लर्निंग एवं ओपन डिस्टेंस लर्निंग से स्वीकृति मिलने के बाद तैयारियां तेज
पांच विषयों से ऑनलाइन एवं दूरस्थ शिक्षा के लिए एक साल से चल रही थी तैयारी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को यूजीसी की तरफ से ऑनलाइन लर्निंग (ओएल) और ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) के तहत विभिन्न पाठ्यक्रमों के संचालन की स्वीकृति मिल गई है। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अगस्त से प्रवेश प्रक्रिया की तैयारी शुरू कर दी है।
डीडीयू को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की तरफ से स्नातक में बीकॉम व बीबीए और परास्नातक में एमकॉम, एमबीए एवं एमए अंग्रेजी में ओएल एवं ओडीएल मोड में संचालन की अनुमति दी है। डीडीयू प्रशासन के मुताबिक, इसके लिए ऑनलाइन कंटेंट और लेक्चर वीडियो तैयार कर लिए गए हैं। डीडीयू को नैक मूल्यांकन में ए प्लस प्लस ग्रेड व यूजीसी से कैटेगरी-1 यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने के कारण ओएल एवं ओडीएल मोड में कोर्स के संचालन की अनुमति मिली है।
पांच और नए कोर्स शुरू करने की योजना
ओएल एवं ओडीएल में हर छह महीने पर नए प्रवेश शुरू होते हैं। डीडीयू प्रशासन की कोशिश है कि सम सेमेस्टर सत्र से पांच और नए कोर्स शुरू किए जाएं। इसके लिए योजना पर मंथन शुरू हो गया है।
बढ़ेगा ग्रास एनरोलमेंट रेशियो
ओपन डिस्टेंस लर्निंग एवं ऑनलाइन लर्निंग कोर्स शुरू होने से डीडीयू प्रशासन को उम्मीद है कि नौकरीपेशा व गृहिणी आदि प्रवेश में रुचि दिखाएंगे। इससे ग्रास एनरोलमेंट रेशियो (जीईआर) बढ़ेगा।
वर्जन
इससे पूर्वांचल के युवा, गृहिणियों, देश-विदेश में कार्यरत व्यक्ति सहित किसी अन्य कारण से विश्वविद्यालय नहीं आने वाले छात्रों को अध्ययन का अवसर मिलेगा। इससे जीईआर बढ़ने की उम्मीद है।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू
एमएमएमयूटी में बीबीए-एमबीए की होगी ऑनलाइन पढ़ाई
23 व 24 अप्रैल को यूजीसी की टीम करेगी ऑनलाइन निरीक्षण
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में ऑनलाइन लर्निंग के जरिये वर्तमान सत्र से ही बीबीए और एमबीए की पढ़ाई होगी। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
यूजीसी की टीम 23 व 24 जुलाई को वर्चुअल रूप से निरीक्षण करेगी। एमएमएमयूटी प्रशासन को उम्मीद है कि अगस्त के पहले पखवाड़े तक इसके संचालन की अनुमति मिल जाएगी। एमएमएमयूटी प्रशासन ने ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग एवं ऑनलाइन लर्निंग दोनों विधाओं में बीबीए और एमबीए कोर्स के संचालन के लिए यूजीसी के पास आवेदन किया था।
इसमें से ऑनलाइन लर्निंग के लिए सहमति देते हुए प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। एमएमएमयूटी प्रशासन ने इन दोनों पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए कंटेंट व लेक्चर वीडियो तैयार करा लिए हैं। लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम भी ले लिया गया है। इन पाठ्यक्रमों का प्रति सेमेस्टर शुल्क 18 हजार रुपये निर्धारित किया गया है।
वर्जन
यूजीसी से अनुमति मिलने के बाद इसी सत्र से ऑनलाइन लर्निंग सेंटर शुरू हो जाएगा। पहले वर्ष बीबीए और एमबीए के कोर्स शुरू किए जाने को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
-प्रो. जेपी सैनी, कुलपति, एमएमएमयूटी