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Gorakhpur News: गोड़धोइया नाला के किनारे एक और मकान पर मंडरा रहा खतरा

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आदित्यपुरम काॅलोनी में नाला किनारे स्थित मकान में पड़ गई हैं दरारें
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मकान को बचाने के लिए नाले की तरफ से लगी हैं लोहे की प्लेट
गोरखपुर। गोड़धोइया नाला के किनारे एक और मकान पर गिरने का खतरा मंडरा रहा है। नाले की खोदाई के दौरान आदित्यपुरम काॅलोनी में तीन मकान शुक्रवार को भरभराकर गिर गए थे। इससे कुछ ही दूरी पर स्थित चौथे मकान की दिवाल व छत में भी दरारें पड़ गई हैं। निर्माणाधीन नाले की तरफ से लोहे की प्लेट लगाकर मकान के पास मिट्टी को दरकने से रोका गया है।
बशारतपुर पूर्वी के आदित्यपुरी कॉलोनी में शुक्रवार की सुबह करीब 10 बजे गोड़धोइया नाला से सटे लवकुश सिंह, जगदीश उपाध्याय और मनोज उपाध्याय के मकान भरभरा कर गिर गए थे। 10 दिन पहले नाला खोदाई के दौरान तीनों मकानों में दरारें आ गई थीं। खतरा बढ़ता देख तीनों मकान मालिक उसी समय मकान खाली करके अपने परिवार के साथ शक्तिनगर कॉलोनी में किराए पर रह रहे हैं। शुक्रवार सुबह ये तीनों मकान गिर गए।
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इन तीनों मकानों के नजदीक ही ज्ञानप्रकाश मिश्रा का घर है। इस मकान के ठीक पीछे नाला निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था ने गहराई तक मिट्टी की खोदाई कराई है। इससे मकान की नींव हिल गई है। मकान में दरारें पड़ चुकी हैं। बीते बारिश के दौरान मिट्टी गिरने की वजह से मकान में दरारें पड़ने लगी थीं। मकान बचाने के लिए नाला किनारे लोहे की प्लेट लगाई गई हैं। शुक्रवार को तीन मकान गिरने के बाद अब ज्ञानप्रकाश भी काफी डरे हुए हैं। अभी वह सामान समेत इसी मकान में रहते हैं। अब उन्होंने मोहल्ले में ही किराए पर मकान की तलाश शुरू कर दी है।
मशीनों के दबाव से अगल-बगल के मकानों में कंपन
गोड़धोरिया नाले के बचे हिस्से के निर्माण के लिए जेसीबी और बड़ी पोकलेन मशीन से बड़ा-बड़ा पत्थर दबाने से आसपास के मकानों में कंपन हो रहा है। शुक्रवार को तीनों मकान गिरने के बाद नाले से सटे अन्य घरों के लोग डरे हुए हैं। स्थानीय निवासी अरविंद सिंह, हरीश लाल श्रीवास्तव, उर्मिला श्रीवास्तव, द्रौपदी देवी, पूनम देवी और सरिता गौड़ के मकान के पास ही शनिवार को जेसीबी से खोदाई का काम चल रहा था। इन लोगों का कहना है कि बार-बार देखते हैं कि कहीं दीवारों में दरारें तो नहीं।
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हटाया गया मलबा
शुक्रवार को जो तीन मकान गिर थे, शनिवार सुबह से ही वहां मलबा हटाने का काम चल रहा है। बशारतपुर पूर्वी के लेखपाल विजय गुप्ता ने बताया कि इस इलाके के डेंजर जोन में आए मकानों को चिह्नित भी किया जा रहा है। इसके अलावा जो मकान निर्माण के दायरे से बाहर हैं, उनको बचाने के लिए भी प्रयास किया जा रहा है।
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वर्जन
गोड़धोइया नाले के किनारे निर्माण के दौरान जो भी मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनका राजस्वकर्मियों से सर्वे कराया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि कम से कम मकानों को क्षति पहुंचे। अगर कोई अभी भी क्षतिग्रस्त मकान में रह रहा है तो उससे बात कर सुरक्षित जगह पर रहने के लिए भेजा जाएगा।
-दीपक मीणा, डीएम
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