एक जनवरी से तीन मार्च के बीच ही पत्रावलियां लटकीं
गोरखपुर। एक जनवरी से तीन मार्च के बीच संपत्तियों की रजिस्ट्री की दाखिल खारिज के लिए रजिस्ट्री के दस्तावेज ही तहसील में नहीं पहुंचे हैं। कुछ लोगों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से आवेदन किया है। बाकी सिस्टम के तहत काम होने का इंतजार कर रहे हैं।
एक जनवरी से रजिस्ट्री दस्तावेजों की प्रति तहसील कार्यालय में ऑनलाइन ही भेजी जानी है। मामले में डीएम कृष्णा करुणेश ने बीते तीन मार्च को आदेश जारी किया कि रजिस्ट्री कार्यालय से दस्तावेजों की प्रति तहसील कार्यालय में भेजी जाए। उसके बाद हुई रजिस्ट्री की प्रति तहसील कार्यालय में भेजी जा रही है और सवालखानी रजिस्टर में वाद संख्या भी दर्ज किया जा रहा है। लेकिन उसके पहले हुई रजिस्ट्री के मामले में रजिस्ट्री कार्यालय में दस्तावेजों की प्रति उपलब्ध नहीं है। दो माह में सदर प्रथम एवं द्वितीय उपनिबंधक कार्यालय में 6500 से अधिक रजिस्ट्री हुई हैं, लेकिन खारिज दाखिल कम का ही हो पाया है।
एआईजी स्टाम्प संजय कुमार दूबे ने बताया कि डीएम के आदेश के बाद चार मार्च से हुई सभी रजिस्ट्री को तहसील कार्यालय में भेज दिया गया है, लेकिन उसके पहले दो माह की रजिस्ट्री में दस्तावेजों की प्रति नहीं जमा की गई थी। उस दौरान हुई रजिस्ट्री के मामले में लोग खुद ही आवेदन कर रहे हैं।